Edited By Isha, Updated: 11 Feb, 2026 08:03 PM

हरियाणा में अब कहीं पर भी 12 साल पुराने पयर्टन वाहन नहीं चल सकेंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के 14 जिलाें में पेट्रोल और सीएनजी आधारित वही पयर्टन वाहन चलाए जा सकेंगे, जिनके रजिस्ट्रेशन को 12 साल से अधिक का समय नहीं हुआ है।
चंडीगढ़: हरियाणा में अब कहीं पर भी 12 साल पुराने पयर्टन वाहन नहीं चल सकेंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के 14 जिलाें में पेट्रोल और सीएनजी आधारित वही पयर्टन वाहन चलाए जा सकेंगे, जिनके रजिस्ट्रेशन को 12 साल से अधिक का समय नहीं हुआ है।
डीजल पर्यटन वाहनों की उम्र इससे भी दो साल कम यानी कि 10 साल तय की गई है। एनसीआर से बाहर भी पेट्रोल-सीएनजी से संचालित पर्यटन वाहनों की उम्र 12 साल ही रहेगी, लेकिन डीजल वाहनों के मामलों में दो साल की राहत दी गई है। एनसीआर से बाहर के नौ जिलों में 12 साल तक पुराने पर्यटन वाहन चलाए जा सकेंगे। हरियाणा के 23 में से 14 जिले करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह और पलवल एनसीआर में शामिल हैं। नौ जिले पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा, कैथल, हांसी, फतेहाबाद और अंबाला जिले एनसीआर से बाहर हैं।
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. राजा शेखर वुंडरू की ओर से हरियाणा मोटर यान संशोधन नियम जारी कर दिए गए हैं। स्कूल बसों के साथ ही रोडवेज और निजी बसों तथा कांट्रेक्ट कैरिज और गुड्स कैरिज के तहत परमिट लेने वाले वाहनों के लिए भी उम्र सीमा तय की गई है।
कोई भी वाहन उसकी पहली रजिस्ट्रेशन की तारीख से तय सीमा पार होने पर सड़क पर नहीं चलेगा। पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक या क्लीन फ्यूल वाहन 15 साल तक चल सकेंगे। डीजल वाहन (एनसीआर में) 10 साल की उम्र पूरी करने के बाद सड़क पर नजर नहीं आएंगे। एनसीआर से बाहर डीजल वाहनों के लिए भी पंद्रह वर्ष की उम्र तय की गई है। एनसीआर में स्कूल बस या डीजल बसें 10 साल से अधिक नहीं चल सकेंगी। निर्धारित समय पूरा कर चुके वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा।