Edited By Deepak Kumar, Updated: 03 Feb, 2026 09:41 PM

रियाणा सरकार ने श्रमिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत दिलाने के लिए बड़ा फैसला
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत दिलाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, शादी, इलाज और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी सहायता निर्धारित समय सीमा में मिलेगी। सरकार ने श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत शामिल कर दिया है। इसके साथ ही श्रम कल्याण अधिकारियों से लेकर श्रम आयुक्त तक की स्पष्ट जवाबदेही तय कर दी गई है।
बच्चों की पढ़ाई से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों के पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी, छात्रवृत्ति और व्यावसायिक कोर्सों के लिए सहायता 60 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यूपीएससी और एचपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाएगी।
शादी, इलाज और खेल-कूद के लिए भी सहायता तय समय में
सरकार की इस पहल के तहत श्रमिकों के बेटा-बेटियों की शादी के लिए कन्यादान और शगुन, महिलाओं की डिलीवरी, दांतों के इलाज, चश्मा, साइकिल, सिलाई मशीन, एलटीसी, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और दिव्यांगों के लिए तिपहिया वाहन जैसी सुविधाओं के लिए भी 60 दिन के भीतर सहायता राशि जारी की जाएगी। खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले श्रमिकों और उनके बच्चों को भी समय पर आर्थिक मदद मिलेगी।
मृत्यु के बाद आश्रितों को 15 दिन में सहायता
मृतक श्रमिकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ, दाह संस्कार सहायता और अन्य मृत्यु उपरांत सुविधाएं 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक सुरक्षा और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी, जिससे उनका भरोसा प्रशासन पर और मजबूत होगा।
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