'SYL पर कोई फैसला नहीं होगा, यह आपस में मिले हुए हैं', अभय चौटाला का हरियाणा-पंजाब सरकार पर बड़ा आरोप

Edited By Deepak Kumar, Updated: 29 Jan, 2026 04:49 PM

no decision will be made on syl they are in cahoots  abhay chautala makes a s

पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच SYL नहर को लेकर हुई हालिया बैठक पर इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने तीखा हमला

हरियाणा डेस्क : पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच SYL (सतलुज-यमुना लिंक) नहर को लेकर हुई हालिया बैठक पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन हर बार इस मुद्दे को लटकाने का ही काम किया गया है।

अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि एसवाईएल पर कोई फैसला नहीं होने वाला, क्योंकि दोनों राज्य सरकारें आपस में मिली हुई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते हैं कि किसी का हक नहीं मरना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने को भी तैयार नहीं है।

केवल इनेलो की सरकार बनने पर ही मिल सकता है SYL का पानी

इनेलो अध्यक्ष ने हरियाणा के मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डमी हैं और खुद कोई फैसला लेने की स्थिति में नहीं हैं। वे केवल ऊपर से आने वाले आदेशों को लागू करते हैं। अभय चौटाला ने दावा किया कि चुनाव तक SYL पर कोई फैसला नहीं होगा और मामला ऐसे ही लटका रहेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों को SYL का पानी केवल इनेलो की सरकार बनने पर ही मिल सकता है। जनता को सिर्फ इनेलो पर ही भरोसा है और जब प्रदेश में इनेलो की सरकार बनेगी, तभी हरियाणा को उसका हक मिलेगा।

प्री-बजट को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा जनता से सुझाव लेने के सवाल पर अभय चौटाला ने इसे एक “नाटक” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस परंपरा की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी और मौजूदा सरकार भी उसी राह पर चल रही है। मुख्यमंत्री जिलों में जाकर पांच से छह घंटे सुझाव ले रहे हैं, लेकिन इन सुझावों का बजट में कोई वास्तविक असर नहीं होता।

चंडीगढ़ पर सिर्फ हरियाणा का अधिकार है

अभय चौटाला ने विधानसभा और चंडीगढ़ के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा चंडीगढ़ को छोड़ना चाहती है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, लेकिन स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चंडीगढ़ को लेकर कोई गलत फैसला लिया गया तो “ईंट से ईंट बजा देंगे।” उन्होंने कहा कि शाह आयोग का स्पष्ट फैसला है कि चंडीगढ़ पर हरियाणा का अधिकार है। यदि केंद्र सरकार चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहती है तो कहीं और बनाए, चंडीगढ़ पर हरियाणा का हक किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

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