Edited By Manisha rana, Updated: 15 Mar, 2026 10:43 AM

पश्चिम बहादुरगढ़, एशिया में जारी इसराईल-ईरान युद्ध का असर अब हरियाणा के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने और कीमतों में भारी बढ़ौत्तरी के कारण हरियाणा में जूते-चप्पलों के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
बहादुरगढ़ : पश्चिम बहादुरगढ़, एशिया में जारी इसराईल-ईरान युद्ध का असर अब हरियाणा के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने और कीमतों में भारी बढ़ौत्तरी के कारण हरियाणा में जूते-चप्पलों के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन की बैठक में उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने सर्वसम्मति से कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के महासचिव सुभाष जग्गा ने बताया कि जूता उद्योग में इस्तेमाल होने वाला पी.यू., ई.वी.ए. और रैग्जिन जैसे कच्चे पदार्थ विदेशों से मंगवाए जाते हैं। युद्ध के कारण सप्लाई घट गई है और स्टॉकिस्टों ने इन कच्चे माल के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के चलते उद्योगों को मजबूरी में उत्पादन कम करना पड़ रहा है और जूते-चप्पलों के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं।
एम.एस.एम.ई. नियमों से पहले ही दबाव में था उद्योगः सुभाष जग्गा के अनुसार जूता जूता उद्योग पहले से ही एमएसएमई के 45 दिन में भुगतान की अनिवार्यता के कारण दबाव में था। अब युद्ध के चलते बने हालातों ने उद्योग की स्थिति और कमजोर कर दी है।
कैमीकल उद्योग भी प्रभावितः युद्ध के असर से केवल फुटवियर उद्योग ही नहीं, बल्कि कैमीकल उद्योग भी प्रभावित हुआ है। सार ग्लोबल के डायरैक्टर राजेश कुमार के अनुसार रिफाइनरियों से मिलने वाले पैट्रो-कैमिकल आधारित कच्चे माल और सॉल्वेंट की सप्लाई लगभग ठप्प हो गई है। इसके अलावा कई फैक्टरियों में गैस की सप्लाई भी बाधित हो गई है, जिसके कारण उत्पादन घटकर लगभग 60 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कई फैक्टरियों को बंद करने की नौबत आ सकती है।
देशभर में महंगाई बढ़ने की आशंकाः उद्योग जगत का मानना है कि यदि सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो महंगाई और बढ़ सकती है। सुभाष जग्गा का कहना है कि जूते-चप्पलों की कीमतों में की गई 15-20 प्रतिशत की बढ़ौत्तरी मुनाफा नहीं बल्कि मजबूरी है।
पैनिक की वजह से थोक बाजार में भी तेजी: पैट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में अचानक हुई वृद्धि का असर भी फुटवेयर मार्किट में भी साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली के करोल बाग स्थित फुटवेयर एसोसिएशन की ओर से देशभर के व्यापारियों को इस बढ़ौत्तरी के लिए तैयार रहने का संदेश जारी किया गया है। एसोसिएशन ने फुटवेयर उत्पादों की कीमतों में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ौत्तरी की घोषणा की है। एसोसिएशन के सदस्य लकी अरोड़ा ने बताया कि पैट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ने के कारण फुटवेयर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे पी.वी.सी., पी.यू., पी.वी.सी. दाना, पैकिंग थैलियां, ई.वी.ए. और डनलप की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इसके चलते हर जोड़ी जूते की लागत बढ़ गई है और बाजार में एक जोड़ी पर करीब 10 से 15 रुपए तक की बढ़ौत्तरी देखी जा रही है।
उपभोक्ताओं पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझः वहीं कुरुक्षेत्र के फुटवेयर रिटेल दुकानदार राकेश कुमार का कहना है कि भले ही इस महंगाई का कारण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर
ईरान-इराक युद्ध की आशंकाओं को माना जा रहा हो, लेकिन इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पैट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ने से ज्यादा बाजार में पैनिक का माहौल बनाया जा रहा है, जिसके कारण थोक व्यापारियों ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं। जैसे ही रसोई गैस और पैट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ते हैं, वैसे ही रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि फुटवेयर मार्किट में खास तौर पर जूते के दामों में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ौत्तरी देखने को मिल रही है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
बहादुरगढ़ देश का बड़ा फुटवियर हब
बहादुरगढ़ में 1500 से अधिक जूता निर्माण और संबंधित इकाइयां कार्यरत हैं। यहां से करीब 700 करोड़ रुपए का निर्यात होता है। कुल मिलाकर लगभग 30 हजार करोड़ रुपए का उत्पादन होता है। जूते-चप्पलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का कच्चा माल विदेशों से आयात करना पड़ता है।
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