Edited By Krishan Rana, Updated: 30 Apr, 2026 08:00 PM

16-17 अप्रैल की रात को हिसार में जेजेपी कार्यकर्ताओं के घरों में अवैध रूप से घुसने और दहशत फैलाने के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने
चंडीगढ़ : हिसार में 16-17 अप्रैल की रात को जेजेपी कार्यकर्ताओं के घरों में अवैध रूप से घुसने और दहशत फैलाने के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नए नोटिस जारी किए हैं। जेजेपी कार्यकर्ता गौरव सैणी और विजेंद्र धानक के परिवारजनों की ओर से दायर याचिका पर हाइकोर्ट ने तुरंत सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी किया है। याचिका में हरियाणा के डीजीपी, हिसार के पुलिस अधीक्षक, उप अधीक्षक, सीआईए इंचार्ज समेत कई पुलिस कर्मचारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। गौरव सैणी की पत्नी की याचिका पर अगली सुनवाई 20 मई को और विजेंद्र धानक की बेटी की याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
जेजेपी कार्यकर्ता गौरव सैणी की पत्नी की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि रात करीब 4 बजे पुलिस ने जबरदस्ती घर में घुसकर सबको डराया-धमकाया और दहशत फैलाई। उन्होंने कोर्ट में दी अपील में कहा कि सादे कपड़ों में घुसे लोगों ने हथियारों के साथ सबको डराया और महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस कार्रवाई के दौरान गौरव सैणी के दस वर्षीय बेटे को हथियार से डराया-धमकाया गया जिससे वो आज भी दहशत में है। बच्चे के सामने ही उसके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसके अलावा घर में घुसे लोग अपने साथ सीसीटीवी की फुटेज की रिकॉर्डिंग वाला डीवीआर भी अपने साथ ले गए जिसमें परिवार की निजी वीडियो और रात के इस घटनाक्रम की वीडियो भी थी। याचिका में कहा गया है कि 24 अप्रैल को विस्तृत शिकायत दिए जाने के बाद भी आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
वहीं जेजेपी कार्यकर्ता विजेंद्र धानक की बेटी की तरफ से दी गई याचिका में भी हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। विजेंद्र धानक की बेटी ने कहा है कि वे पांच बहनें हैं और 16 अप्रैल की रात को घुसे लोगों ने नाबालिग बच्चियों के सामने उनके पिता को हथियार दिखाकर डराया गया। याचिका में कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग का डिवाइस उतारने के लिए एक शख्स सोते हुए बच्चों के कमरे में घुसा और उनके बैड पर चढ़कर डीवीआर उतारी और उस दौरान उसने एक बच्ची के पैर पर पैर रखा। सुबह करीब 4 बजे हुई इस कार्रवाई में विजेंद्र धानक के लिए उसके बच्चों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इन सभी घटनाओं की जानकारी के साथ दी गई शिकायत पर एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई हिसार पुलिस की तरफ से नहीं की गई है।
दोनों याचिकाओं में इन परिवारों द्वारा हिसार पुलिस को दी गई शिकायत पर कार्रवाई करवाने और आरोपी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई के बाद इस विषय में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया गया है। इन याचिकाओं पर अगली सुनवाई 20 और 27 मई को होगी।
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