Edited By Isha, Updated: 11 Feb, 2026 01:43 PM

शिक्षा विभाग ने 375 जेबीटी (जूनियर बेसिक प्रशिक्षण प्राप्त) शिक्षकों को संदिग्ध श्रेणी में रखते हुए उनकी दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। इन शिक्षकों के अंगूठे के निशान को लेकर गड़बड़ी
चंडीगढ़: शिक्षा विभाग ने 375 जेबीटी (जूनियर बेसिक प्रशिक्षण प्राप्त) शिक्षकों को संदिग्ध श्रेणी में रखते हुए उनकी दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। इन शिक्षकों के अंगूठे के निशान को लेकर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। विभाग की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि संबंधित शिक्षकों को तय तिथियों पर पंचकूला स्थित उत्कर्ष सोसाइटी मुख्यालय में पेश किया जाए।
मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 11 से 14 फरवरी तक इनका सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे और समिति उनकी मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी करेगी।
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शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी पत्र के अनुसार भर्ती के लगभग 12 वर्ष बाद भी कुछ शिक्षकों के शारीरिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। पहले मधुबन करनाल स्थित प्रयोगशाला में जांच की प्रक्रिया पूरी की गई थी। अब अंतिम सत्यापन के लिए 375 शिक्षकों को बुलाया गया है।
विभाग ने बताया कि बुलाए गए शिक्षक वर्ष 2009 और 2012 की भर्ती से जुड़े हैं। सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।