कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन के डिब्बों में लगाए गए एयर ब्रेक, जानिए क्यों?

Edited By Isha, Updated: 15 Feb, 2026 05:51 PM

air brakes have been installed in the coaches of the train running

यूनेस्को विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे सेक्शन पर शुक्रवार को नई सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया गया। उत्तर रेलवे ने इस ट्रैक पर स्वदेशी तकनीक से विकसित एयर ब्रेक सिस्टम वाले नैरो गेज कोचों के पहले रेक

डेस्क: यूनेस्को विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे सेक्शन पर शुक्रवार को नई सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया गया। उत्तर रेलवे ने इस ट्रैक पर स्वदेशी तकनीक से विकसित एयर ब्रेक सिस्टम वाले नैरो गेज कोचों के पहले रेक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस तकनीक से अब पहाड़ों की रानी शिमला का सफर न केवल रोमांचक हो जाएगा, बल्कि आधुनिक तकनीक के कारण सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित भी होगा। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि उनका लक्ष्य विरासत को संजोने के साथ यात्रियों को 21वीं सदी की सुरक्षा सुविधाएं देना है। यह एयर ब्रेक सिस्टम इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
 
शुक्रवार सुबह ठीक 6:20 बजे जब गाड़ी संख्या 52453 कालका-शिमला एक्सप्रेस कालका स्टेशन से रवाना हुई, तो यह सिर्फ एक ट्रेन की रवानगी नहीं थी, बल्कि विरासत और आधुनिकता के मिलन का आगाज था। 7 कोचों वाले इस रेक को शक्तिशाली लोको नंबर 714 जैडडीएम3डी खींच रहा था। कालका वर्कशॉप में तैयार किए गए इन कोचों ने अपनी पहली यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।
 

अब तक इन छोटी लाइनों पर पुराने वैक्यूम ब्रेक का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब इनकी जगह स्वदेशी एयर ब्रेक सिस्टम ने ले ली है। इससे हिमालय की खड़ी ढलानों और तीखे मोड़ों पर ट्रेन को नियंत्रित करना अब आसान होगा। ट्रेन की बोगियों और ट्रॉलियों को कड़े सुरक्षा मानकों के तहत अपग्रेड किया गया है। इस पूरे सिस्टम को स्थानीय स्तर पर डिजाइन और विकसित किया गया है।
 
 

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