Edited By Manisha rana, Updated: 15 Feb, 2026 01:13 PM

हांसी शहर में हांसी पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक बैंक मैनेजर को रोके जाने और कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। हांसी कोर्ट के पीछे हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हांसी (संदीप सैनी) : हांसी शहर में हांसी पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक बैंक मैनेजर को रोके जाने और कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। हांसी कोर्ट के पीछे हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-5 में बन रहे अपने मकान का निरीक्षण कर नई काठ मंडी स्थित घर लौट रहे 37 वर्षीय विक्रांत बामल (37) को शनिवार शाम करीब 6 बजे पुलिस ने रोक लिया। उस समय उनके साथ उनकी माता सुमित्रा देवी, पत्नी (पेशे से वकील) और दो छोटे बच्चे भी मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एसआई धर्मवीर ने वाहन रोककर कागज़ात की जांच की। सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद कथित रूप से बच्चों के सामने ऊंची आवाज में बात की गई, जिससे बच्चे डर गए। परिवार का कहना है कि स्थिति असहज होने पर विक्रांत बामल पहले अपने परिवार को घर छोड़कर आए। इसके बाद वे दोबारा मौके पर पहुंचे, जहां पुलिसकर्मी के साथ उनकी काफी बहस हुई।
परिजनों का आरोप है कि बहस के बाद पुलिस ने उनका चालान कर दिया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी कथित रूप से यह कहते दिखाई दे रहा है कि “चाहे प्रधानमंत्री तक चले जाओ, कुछ नहीं होगा।” विक्रांत बामल Indian Bank में सीनियर मैनेजर हैं और वर्तमान में उनकी ड्यूटी लुधियाना में है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जहां एक ओर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने में जुटे हैं। वहीं इस प्रकार की घटनाएं आमजन में असंतोष पैदा कर रही हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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