Edited By Isha, Updated: 13 Feb, 2026 06:57 PM

जिलाधीश महेंद्र पाल द्वारा हिसार उपमंडल क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से सक्षम प्राधिकारी द्वारा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के नियम 6(2) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत आदेश जारी किए गए...
हिसार(विनोद): जिलाधीश महेंद्र पाल द्वारा हिसार उपमंडल क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से सक्षम प्राधिकारी द्वारा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के नियम 6(2) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत आदेश जारी किए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, हिसार उपमंडल की सीमा के भीतर कोई भी मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल, ओपन एयर वेन्यू, डीजे संचालक अथवा कोई भी व्यक्ति रात्रि 10 बजे के बाद डीजे सिस्टम, लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के एमप्लीफाइड म्यूजिक सिस्टम का संचालन नहीं करेगा या संचालन अनुमति नहीं देगा।
ध्वनि प्रणाली का उपयोग संबंधित क्षेत्र के लिए निर्धारित परिवेशीय ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा तथा इससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी नहीं होनी चाहिए। संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें तथा उल्लंघन की स्थिति में कानून के प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई करें।
इसमें ध्वनि उपकरणों की जब्ती तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, बीएनएसएस की धारा 223 एवं धारा 152 के अंतर्गत कार्रवाई शामिल होगी। नगर निगम हिसार तथा जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम अथवा हॉल संचालन की अनुमति इन मानकों के पूर्ण अनुपालन के पश्चात ही प्रदान की जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि इसे संशोधित या निरस्त न किया जाए। आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 223 बीएनएसएस एवं संबंधित पर्यावरणीय कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।