Edited By Manisha rana, Updated: 13 Feb, 2026 04:04 PM

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में शुक्रवार को आरकेएसडी कॉलेज के सभागार में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब मंत्री अनिल विज और कैथल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) उपासना के बीच एक पुलिस...
कैथल (जयपाल रसुलपुर) : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में शुक्रवार को आरकेएसडी कॉलेज के सभागार में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब मंत्री अनिल विज और कैथल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) उपासना के बीच एक पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड करने के मुद्दे पर तीखी बहस हो गई। बैठक के दौरान मंत्री ने संबंधित पुलिस कर्मचारी के खिलाफ तुरंत सस्पेंशन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, लेकिन एसपी ने नियमों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई।
दरअसल बैठक में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक पुलिस कर्मचारी ने जमीन से जुड़े लेन-देन में अनियमितता और कथित धोखाधड़ी की है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंत्री अनिल विज ने मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक को संबंधित कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दिए। इस पर एसपी ने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिस कर्मचारी वर्तमान में कुरुक्षेत्र जिले में कार्यरत है और वह कैथल पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए उनके पास उसे सस्पेंड करने का अधिकार नहीं है।
एसपी के इस जवाब पर मंत्री अनिल विज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उनके पास कार्रवाई करने की शक्ति नहीं है तो वह इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकतीं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “अगर आपके पास पावर नहीं है तो आप यहां से उठ जाइए।” मंत्री के इस बयान से बैठक में कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई और उपस्थित अधिकारियों व समिति सदस्यों के बीच खामोशी छा गई।
मंत्री विज ने इस मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे आरोपी कोई भी हो।
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