Haryana: राज्य सरकार के कर्मचारी व गैर डिफाल्टर उपभोक्ता भी 'सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना' के पात्र

Edited By Manisha rana, Updated: 14 Feb, 2026 02:26 PM

surya ghar free electricity scheme

प्रधानमंत्री सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने राज्य में 31 मार्च, 2027 तक 2 लाख 22 हजार घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है।

चंडीगढ़ : प्रधानमंत्री सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने राज्य में 31 मार्च, 2027 तक 2 लाख 22 हजार घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटिड के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में रूफटॉप सोलर ऊर्जा को तेजी से अपनाने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा 'सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना' नामक एक नई वित्तीय सहायता योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत उपभोक्ताओं को घर पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत 3 श्रेणियां बनाई गई है।

-श्रेणी 1 (गैर-डिफाल्टर उपभोक्ता ) : वे उपभोक्ता जिन्होंने 1.04.2022 से 31.03.2025 तक अपने सभी बिजली बिलों का समय पर या नियत तिथि से पहले का भुगतान किया है।
श्रेणी-11 (राज्य सरकार के कर्मचारी / निगम / बोर्ड/कार्पोरेशन आदि) : राज्य सरकार के निगम, बोर्ड, कार्पोरेशन, डिपार्टमेंट व एच. के. आर.एन. (जिनकी नौकरी सुरक्षित है) के अंतर्गत कार्य करने वाले वह कर्मचारी, जिनका कोई बिजली बिल बकाया नहीं है। इस श्रेणी के लिए एच.आर.एम.एस./एच.के.आर.एन. आई.डी. के साथ उपभोक्ता खाता संख्या का प्रविष्टि करना अनिवार्य है।

श्रेणी-1 और 2 के लिए वित्तीय सहायता

ब्याज - मुक्त वित्तीय सहायता: 19,500 रुपए प्रति के. डब्ल्यू.पी. अधिकतम सहायता राशिः 97,500 रुपए केवल के. डब्ल्यू.पी. की आर.टी.एस. क्षमता तक दी जाएगी। सहायता राशि को विद्युत बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किस्तों में बिना किसी ब्याज के वसूल किया जाएगा। इस वित्तीय सहायता के अलावा, अंत्योदय परिवारों के लिए पहले से चल रही राज्य वित्तीय सहायता को और अधिक सरल एवं आकर्षक बनाया गया है। श्रेणी-3 (अंत्योदय एस.एफ.ए. - योग्य परिवार): वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए तक ऐसे अंत्योदय उपभोक्ता जिनका कोई बिजली बिल बकाया नहीं है और वार्षिक खपत 2400 यूनिट से कम है, वे 2 के. डब्ल्यू.पी. तक की आर.टी. एस. क्षमता स्थापित करने के लिए 25000 रुपए/के. डब्ल्यू. या वास्तविक लागत का 40 प्रतिशत जो भी कम हो, ऐसे उपभोक्ता राज्य वित्तीय सहायता (एस.एफ.ए.) के लिए पात्र है।

वार्षिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपए तक

गैर-डिफ़ॉल्टर अंत्योदय उपभोक्ता जो एस. एफ.ए. के पात्र हैं, वे आर.टी.एस. क्षमता 2 के. डब्ल्यू.पी. तक स्थापित करने के पात्र हैं। राज्य वित्तीय सहायता (एस.एफ.ए.), 10,000 रुपए/किलोवाट के लिए पात्र हैं। अतिरिक्त वित्तीय सहायता 9500 रुपए प्रति के.डब्ल्यू.पी., जो अधिकतम 2 के. डब्ल्यू.पी., आर.टी. एस. क्षमता तक सीमित होगी। जिसको विद्युत बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किस्तों में बिना किसी ब्याज के वसूल किया जाएगा। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डा. मनी राम शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एस. ओ.पी. के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य पात्र उपभोक्ताओं को समय पर योजना का लाभ देना और राज्य में सौर ऊर्जा को अधिकतम प्रोत्साहन देना है। इस योजना की विस्तृत जानकारी के लिए उपभोक्ता वैबसाइट पर जाकर सेल्स सर्कुलर नं.-02/2026 देख सकते हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!