Edited By Deepak Kumar, Updated: 03 Feb, 2026 04:50 PM

हरियाणा सरकार ने हाई टेंशन बिजली लाइनों और टावरों से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए नई मुआवजा नीति
डेस्क : हरियाणा सरकार ने हाई टेंशन बिजली लाइनों और टावरों से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए नई मुआवजा नीति लागू कर दी है। अब 66 केवी या उससे अधिक क्षमता की बिजली लाइनों के कारण खेतों में टावर लगने पर किसानों को जमीन के कलेक्टर गाइडलाइन रेट का 200 प्रतिशत तक मुआवजा मिलेगा।
नई नीति के तहत टावर के बेस एरिया के साथ-साथ उसके चारों ओर एक-एक मीटर अतिरिक्त भूमि को भी मुआवजे में शामिल किया गया है। पहले की तुलना में यह मुआवजा राशि कहीं अधिक है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
फसल नुकसान का पैसा सीधे खाते में
इस नई मुआवजा नीति के अनुसार, फसल क्षति का मुआवजा संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी के प्रमाण पत्र के आधार पर दिया जाएगा। प्रमाण पत्र में किसान का नाम, प्रभावित क्षेत्र, फसल का प्रकार, अनुमानित उपज और फसल का मूल्य दर्ज होगा। स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
30 जनवरी 2026 को जारी हुआ नोटिफिकेशन
हरियाणा सरकार के ऊर्जा विभाग ने 30 जनवरी 2026 को “66 केवी और उससे अधिक इन्ट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों के लिए फसल नुकसान मुआवजा नीति” का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नीति सभी नई ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं पर लागू होगी। इसमें हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सहित सरकारी और निजी एजेंसियां शामिल होंगी।
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