शिक्षा विभाग का फर्जी अफसर बन प्रिंसिपलों से ठगी का प्रयास, ऐसे बुना जा रहा है ठगी का जाल

Edited By Isha, Updated: 15 Feb, 2026 01:13 PM

a fake education department officer is attempting to defraud principals

प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों संचालक दिशातिर और प्रिंसिपलों जालसाज की रात ने उड़ा की रखी है। ठग फोन पर खुद को चंडीगढ़ स्थित शिक्षा विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बता रहा है। ठग कार्रवाई और जुर्माने का डर दिखाकर ऑनलाइन उगाही का प्रयास कर रहा है।

अंबाला: प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों संचालक दिशातिर और प्रिंसिपलों जालसाज की रात ने उड़ा की रखी है। ठग फोन पर खुद को चंडीगढ़ स्थित शिक्षा विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बता रहा है। ठग कार्रवाई और जुर्माने का डर दिखाकर ऑनलाइन उगाही का प्रयास कर रहा है।

अकेले अंबाला जिले में 11 से अधिक प्रिंसिपलों को निशाना बनाने का प्रयास हो चुका है। इसकी शिकायत अंबाला में निजी स्कूलों के संगठन हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से की है। हालांकि साइबर पुलिस को अब तक शिकायत नहीं दी।

हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता सौरभ कपूर ने ठग की कार्यप्रणाली का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठग अक्सर शुक्रवार की शाम या शनिवार को फोन करता है। आरोपी प्रिंसिपलों पर दबाव बनाता है कि सोमवार सुबह अधिकारी जांच के लिए स्कूल की दहलीज पर होंगे।

वह कहता है कि अभी ऑनलाइन पैसे भेजकर रसीद ले लो ताकि जांच रुक सके। दफ्तर बंद होने से लोग तस्दीक नहीं कर पाते और डर के मारे पैसे भेज देते हैं। ऐसे मामले फतेहाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत में भी मिले हैं। एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रिंसिपलों के निजी मोबाइल नंबर और डाटा ठग तक कैसे पहुंचे इसकी जांच होनी चाहिए।

संगठन के जोनल प्रेसीडेंट प्रशांत मुंजाल ने बताया कि अंबाला में अब तक 11 स्कूलों के प्रिंसिपल को कॉल किया जा चुका है जिसमें आरोपी शिक्षाविदों को मानसिक दबाव में लेने का प्रयास करता है। आरोपी अपना नाम अजय अग्रवाल बताता है और खुद को शिक्षा विभाग का स्टेट नोडल ऑफिसर बताता है। कॉल कर वह प्रिंसिपलों से कहता है कि उनके संस्थान के खिलाफ शिक्षा मंत्रालय में गंभीर शिकायत हुई है। विभाग ने विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं। ठग कहता है कि अगर वे इस पचड़े और भारी जुर्माने से बचना चाहते हैं तो उन्हें तुरंत चालान फीस जमा करानी होगी। शिकायत की डिजिटल कॉपी भेजने के बदले 2,280 से 2,500 रुपये तक की मांग की जा रही है और भुगतान के लिए संदिग्ध लिंक भेजे जा रहे हैं।
 

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