Edited By Isha, Updated: 04 Aug, 2026 03:31 PM

रियाणा में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के तहत पाटली-मानेसर-एमएसआईएल रेल लिंक शुरू हो चुका है जबकि गुरुग्राम में अरावली पहाडियों के हैबी
चंडीगढ़: हरियाणा में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के तहत पाटली-मानेसर-एमएसआईएल रेल लिंक शुरू हो चुका है जबकि गुरुग्राम में अरावली पहाडियों के हैबीच देश की पहली ट्विन टनल (जुड़वां सुरंग) का काम 67 प्रतिशत पूरा हो गया है।
देश की पहली ऐसी सुरंग होगी जिसमें डबल-स्टेक कंटेनर
यह हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का हिस्सा है। यह देश की पहली ऐसी सुरंग होगी जिसमें डबल-स्टेक कंटेनर (डबल डेकर) मालगाड़ियां एक साथ गुजर सकेंगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) के निदेशक मंडल की बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
2025 से चालू है पाटली मानेसर-एमएसआईएल रेल लाइन का काम
बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि 6.92 किलोमीटर लंबी पाटली मानेसर-एमएसआईएल रेल लाइन जून 2025 से चालू है। इस रेल लिंक पर अब तक 1,300 से अधिक रेल रैक चल चुकी हैं जिससे इसकी बढ़ती उपयोगिता का पता चलता है। 126 किलोमीटर लंबी डबल रेल लाइन के बाकी हिस्सों पर भी तेजी से काम चल रहा है। एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह ने बताया कि 4.7-4.7 किलोमीटर की दो ट्विन टनल की खुदाई 10 स्थानों (फेस) से की जा रही है। अब तक 4.8 किलोमीटर खुदाई पूरी हो चुकी है जो कुल काम का 67 प्रतिशत है। परियोजना के तहत पुल, रेलवे स्टेशन, रिटेनिंग वॉल और मिट्टी भराई जैसे अन्य निर्माण कार्य भी अलग-अलग चरणों में जारी है।
भूमि अधिग्रहण के लिए तय मुआवजा मालिकों को दिया
भूमि अधिग्रहण के लिए तय 2,287.55 करोड़ रुपये में से 2,038.37 करोड़ रुपये (करीब 89 प्रतिशत) का मुआवजा भूमि मालिकों को दिया जा चुका है। ब्यूरो परियोजना की संशोधित लागत 11,709 करोड रुपये है। इसके लिए वन और अरावली क्षेत्र से जुड़ी जरूरी मंजूरियां भी मिल चुकी हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस रेल कॉरिडोर से हरियाणा में रेल संपर्क मजबूत होगा, माल ढुलाई आसान होगी, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही उन्होंने कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेल ट्रैक के सफल संचालन की सराहना करते हुए कहा कि इससे शहर की पांच व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग खत्म होने से जाम की समस्या में काफी राहत मिली है।