Edited By Deepak Kumar, Updated: 21 Nov, 2025 12:07 PM

सिरसा के कुम्हारिया और खेड़ी गांवों के बीच स्थित खेड़ी माइनर नहर में अचानक दरार आने से आसपास के खेतों में पानी भर गया। इस घटना से करीब 10 एकड़ में बोई गई गेहूं और सरसों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं।
सिरसा: जिले के कुम्हारिया और खेड़ी गांवों के बीच स्थित खेड़ी माइनर नहर में रविवार को अचानक दरार आने से आसपास के खेतों में पानी भर गया। इस घटना से करीब 10 एकड़ में बोई गई गेहूं और सरसों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं।
किसानों की फसलें बर्बाद, लागत बढ़ने की चिंता
दरार आने से किसान राजकुमार, सुनील कुमार, नेतराम और पृथ्वी सिंह की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। ग्रामीणों ने बताया कि राजकुमार की 4 एकड़ गेहूं की फसल, सुनील कुमार की 3 एकड़ सरसों की फसल और पृथ्वी सिंह की 3 एकड़ सरसों की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई। किसानों का कहना है कि अब उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ जाएंगी। नहर टूटने से बहता पानी नेतराम के ट्यूबवेल के कुएं में भी भर गया, जिससे अतिरिक्त नुकसान हुआ।
सिंचाई विभाग को सूचना, चार घंटे में मरम्मत कार्य पूरा
पानी खेतों में भरते ही ग्रामीणों ने तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नहर में रिसाव बढ़ता देख विभाग ने जेसीबी मशीन से मरम्मत कार्य शुरू करवाया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दरार को भरकर नहर की मरम्मत पूरी की गई।
नहर का अंतिम छोर, दबाव कम होने से नियंत्रित हुई स्थिति
ग्रामीणों के अनुसार खेड़ी माइनर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है, इसलिए यहां पानी का दबाव कम रहता है। इसी कारण दरार समय रहते नियंत्रित हो गई और बड़ा हादसा टल गया।