Edited By Harman, Updated: 02 Oct, 2026 08:51 AM

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की।
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, विधायी कार्यप्रणाली और सदनों के सुचारू संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। विधानसभा अध्यक्ष कल्याण ने इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संसदीय परंपराओं और विधायी विषयों पर व्यापक अनुभव सदैव नई दिशा प्रदान करता है।
हरविंदर कल्याण ने मुलाकात के बाद कहा कि ओम बिरला से हर भेंट उनके लिए एक नए अध्याय की तरह होती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, संसदीय परंपराओं का संरक्षण और विधायी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के विषय में बिरला का अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके मार्गदर्शन से जनप्रतिनिधियों और सदनों की कार्यप्रणाली को लेकर नई सीख मिलती है।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के रूप में हरविंदर कल्याण लगातार विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और जनोन्मुख बनाने पर जोर देते रहे हैं। नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई इस मुलाकात को भी इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान विधायी संस्थाओं की भूमिका, सदन की गरिमा बनाए रखने, स्वस्थ संसदीय संवाद तथा लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
कल्याण के लिए यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर वह सदन के संचालन के साथ-साथ विधायकों और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय को भी महत्व देते रहे हैं। उनका मानना रहा है कि लोकतंत्र की सफलता केवल सदन की कार्यवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों, मीडिया और आम जनता के बीच प्रभावी संवाद की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ संवाद के दौरान विधायी विषयों पर उनके अनुभव और मार्गदर्शन से हरियाणा विधानसभा की आगामी कार्यप्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार करने का अवसर मिला। देश की सर्वोच्च विधायी संस्थाओं में से एक लोकसभा के संचालन का व्यापक अनुभव रखने वाले बिरला लंबे समय से संसदीय प्रक्रियाओं और सदन की कार्यवाही से जुड़े विषयों पर जोर देते रहे हैं।
हरविंदर कल्याण ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए सदनों में सार्थक चर्चा, अनुशासन, मर्यादा और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर विमर्श आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विधायिका जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में सदन की कार्यवाही जितनी प्रभावी और रचनात्मक होगी, लोकतांत्रिक व्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी।
हरियाणा विधानसभा में भी हाल के समय में सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने तथा विधायकों को विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। अध्यक्ष कल्याण की कार्यशैली में सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं को प्रमुख स्थान दिया जाता है। उनका प्रयास रहता है कि पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को जनहित के मुद्दे उठाने के लिए उचित अवसर मिले तथा सदन की कार्यवाही निर्धारित नियमों और परंपराओं के अनुरूप संचालित हो।
नई दिल्ली की इस मुलाकात में दोनों सदनों के बीच बेहतर समन्वय और विधायी अनुभवों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी चर्चा का अवसर मिला। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर कल्याण पहले भी संसदीय संस्थाओं के बीच संवाद और सीखने की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण मानते रहे हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग विधानसभाओं और संसद की कार्यप्रणाली से मिलने वाले अनुभवों को स्थानीय स्तर पर अपनाकर सदन की कार्यक्षमता को और बेहतर किया जा सकता है।कल्याण ने ओम बिरला के मार्गदर्शन को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि अनुभवी संसदीय नेतृत्व से संवाद सदैव नई ऊर्जा और नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, विधायी परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती के लिए निरंतर संवाद आवश्यक है।
इस मुलाकात ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण के संसदीय संवाद और विधायी अनुभवों को साझा करने की प्रक्रिया को भी रेखांकित किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ उनकी यह शिष्टाचार भेंट केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विधायी कार्यों से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर बनी। कल्याण ने कहा कि बिरला का मार्गदर्शन भविष्य में भी संसदीय और विधायी कार्यप्रणाली को समझने तथा उसे और प्रभावी बनाने में उपयोगी रहेगा।