जेल में लगी लोक अदालत, पांच विचाराधीन बंदियों को किया रिहा

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 15 Oct, 2025 09:06 PM

five under trial prisoner released in jail lok adalat

जेल में विचाराधीन बंदियों को त्वरित न्यायिक राहत प्रदान करने और मुफ्त अधिवक्ता सेवाओं की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

गुड़गांव, (ब्यूरो): जेल में विचाराधीन बंदियों को त्वरित न्यायिक राहत प्रदान करने और मुफ्त अधिवक्ता सेवाओं की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने जेल का निरीक्षण करते हुए बताया कि इस लोक अदालत का मुख्य लक्ष्य लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा कर बंदियों को राहत देना है। इस दौरान, पांच विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया। यह लोक अदालत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) गुरुग्राम द्वारा आयोजित की गई।

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सचिव ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता और मुफ्त अधिवक्ता सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जेल में संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी जायजा लिया। राकेश कादियान ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याएं, चिकित्सीय सुविधा, शिक्षा, खेलकूद, स्वच्छता और बेहतर खान-पान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। लोक अदालत का यह आयोजन बंदियों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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