फर्जी पुलिसकर्मियों द्वारा जेल में बिताई गई सजा को कोर्ट ने माना पर्याप्त, रिहा करने के आदेश

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 26 Mar, 2026 09:16 PM

court undergone two fake police personal

फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवक को साइबर अपराध में शामिल होने का आरोप लगाकर 50 हजार रुपये लेने के मामले में जिला अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने राजस्थान के जयपुर सिटी शास्त्री नगर निवासी मोहित और मध्य प्रदेश के जिला श्योपुर के दंतरदा...

गुड़गांव, (ब्यूरो): फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवक को साइबर अपराध में शामिल होने का आरोप लगाकर 50 हजार रुपये लेने के मामले में जिला अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने राजस्थान के जयपुर सिटी शास्त्री नगर निवासी मोहित और मध्य प्रदेश के जिला श्योपुर के दंतरदा कलां गांव निवासी देवकी नंदन को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताए हुए समय को ही सजा माना है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने दिया है।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।

 

एक जून 2023 को पवन कुमार साहू ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक डेटिंग एप के जरिए मोहित टांक ने उन्हें साइबर पार्क में मिलने के लिए बुलाया। जब वह वहां पर पहुंचे तो दो युवकों ने उन्हें एक गाड़ी में बैठा लिया गया। दोनों ने अपने आप को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि उसने साइबर अपराध किया है। इसके बाद वह उन्हें अपराध शाखा सेक्टर-39 की तरफ ले गए। वहां पर एक व्यक्ति और गाड़ी में बैठ गया। उसको उच्च अधिकारी बताया गया था। पीड़ित से साइबर अपराध के मामले में न फंसाने के नाम पर एक लाख रुपये मांगे गए। बाद में 50 हजार रुपये में तय हो गया। पीड़ित ने अपने भाई से 50 हजार रुपये लेकर आरोपियों को ट्रांसफर किए।

 

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषी ठहरा दिया । दोषी देवकी नंदन 14 जून 2023 से 30 अप्रैल 2024 और दोषी मोहित 14 जून 2023 से 14 मार्च 2024 तक जेल में बंद रहे थे।

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!