पुराना सामान भेजना पड़ा भारी, कंज्यूमर फोरम ने लगाया एक लाख का जुर्माना

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 16 Oct, 2026 08:51 PM

consumer forum imposed one lakh penalty for sending old hard disk

ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट के जरिए सैमसंग की एक्सटर्नल हार्ड डिस्क खरीदना एक युवती को भारी तो पड़ा, लेकिन जिला उपभोक्ता आयोग ने न्याय करते हुए उसे बड़ी राहत दी है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट के जरिए सैमसंग की एक्सटर्नल हार्ड डिस्क खरीदना एक युवती को भारी तो पड़ा, लेकिन जिला उपभोक्ता आयोग ने न्याय करते हुए उसे बड़ी राहत दी है। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेलर कंपनी आर राम ट्रेडिंग सर्विस को यह आदेश दिया है कि वह पुरानी और इस्तेमाल की हुई हार्ड डिस्क बेचने के एवज में पीड़िता को एक लाख का मुआवजा, हार्ड डिस्क की कीमत और कानूनी खर्च का भुगतान करे।

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सेक्टर-71 निवासी कविता देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर कर पूरी आपबीती साझा की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक जनवरी 2018 को फ्लिपकार्ट वेबसाइट के माध्यम से पांच हजा 42 का भुगतान कर सैमसंग की एक टीबी (1 टीबी) पोर्टेबल एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ऑनलाइन मंगाई थी। कविता देवी ने अपने पुराने लैपटॉप को बेचने से पहले अपनी जिंदगी के सबसे खास पलों जैसे उनकी शादियों, जन्मदिनों, अंतरराष्ट्रीय दौरों की पर्सनल तस्वीरें, वीडियो और अन्य बेहद महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज उस नई हार्ड डिस्क में सुरक्षित ट्रांसफर (बैकअप) किए थे।

 

पीड़िता के अनुसार जब उसने खरीदारी के ठीक अगले दिन उस हार्ड डिस्क को अपने कंप्यूटर से कनेक्ट करने की कोशिश की, तो वह कनेक्ट ही नहीं हुई। घबराकर उन्होंने डेटा रिकवर करने के लिए एक प्राइवेट मैकेनिक से संपर्क किया। मैकेनिक ने बताया कि हार्ड डिस्क का कनेक्टर पूरी तरह खराब है। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उस डिवाइस के अंदर जो डेटा मिला, वह कविता देवी का नहीं बल्कि किसी अन्य अनजान व्यक्ति का था। इससे स्पष्ट हुआ कि सेलर ने उन्हें नया उत्पाद बताकर पूरी तरह से पुरानी, इस्तेमाल की हुई और रिफर्बिशड हार्ड डिस्क बेच दी थी। इसके चलते उनका निजी और गोपनीय डेटा भी जोखिम में पड़ गया था।

 

मामले की गंभीरता को समझते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुने। आयोग ने माना कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी और लापरवाही मानसिक उत्पीड़न के दायरे में आती है। आयोग ने विक्रेता कंपनी आर राम ट्रेडिंग सर्विस को निर्देश देते कहा कि हार्ड डिस्क के लिए वसूले गए पांच हजार 324 की राशि 9% वार्षिक ब्याज की दर से खरीदार को वापस की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़िता को हुई भारी मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। अदालत और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के रूप में अलग से 11 हजार का भुगतान करना होगा।

 

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