Edited By Isha, Updated: 15 Oct, 2026 02:58 PM

हरियाणा में में असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने स्क्रीनिंग परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव और प्रश्न हटाने के हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के फैसले को चुनौती देने वाली 16 याचिकाएं खारिज कर...
चंडीगढ़: हरियाणा में में असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने स्क्रीनिंग परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव और प्रश्न हटाने के हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के फैसले को चुनौती देने वाली 16 याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में विषय विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्पष्ट और निर्विवाद गलती साबित हुए बिना अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं है।
याचिकाकर्ताओं ने आयोग की 27 जून 2025 को जारी अंतिम उत्तर कुंजी, तीन जुलाई की घोषणा और 11 जुलाई को घोषित परीक्षा परिणाम को चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि आयोग ने अंतिम उत्तर कुंजी में छह प्रश्नों के उत्तर बदले और 10 प्रश्न हटा दिए। इससे परीक्षा की निष्पक्षता और परिणाम की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। उन्होंने संशोधित उत्तर कुंजी जारी करने, सभी उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन और नई मेरिट सूची तैयार करने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि बिहार लोक सेवा आयोग की 29 अप्रैल 2025 को हुई असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) परीक्षा के 30 प्रश्न हरियाणा की परीक्षा में दोहराए गए थे। आयोग ने अदालत को बताया कि प्रारंभिक उत्तर कुंजी पर मिली आपत्तियों की विषय विशेषज्ञों से जांच कराई गई थी। उनकी सिफारिशों के आधार पर अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की गई। शिकायतों की दोबारा समीक्षा में भी बदलाव जरूरी नहीं पाया गया।
हाई कोर्ट ने कहा कि प्रश्नों और उत्तर कुंजी की शैक्षणिक शुद्धता तय करना विशेषज्ञों का काम है। याचिकाकर्ता विशेषज्ञों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए ठोस प्रमाण नहीं दे सके। अदालत ने स्पष्ट किया कि दूसरी परीक्षा के प्रश्न दोहराए जाने मात्र से परीक्षा की निष्पक्षता पर संदेह नहीं किया जा सकता।