बगावत का सुर छेड़कर नरम पड़े उमेश अग्रवाल, पत्नी का नामांकन लिया वापस

Edited By Shivam, Updated: 07 Oct, 2019 03:44 PM

bjp leader umesh aggarwal softens after rebellion

भाजपा द्वारा टिकट काटने के बाद बागी हुए गुरुग्राम के मौजूदा सांसद उमेश अग्रवाल के तेवर अब नरम पड़ गए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी अनीता लूथरा अग्रवाल का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भरवाया था, जिसे सोमवार को वापस ले लिया। बताया जा रहा है कि...

गुरुग्राम (ब्यूरो): भाजपा द्वारा टिकट काटने के बाद बागी हुए गुरुग्राम के मौजूदा सांसद उमेश अग्रवाल के तेवर अब नरम पड़ गए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी अनीता लूथरा अग्रवाल का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भरवाया था, जिसे सोमवार को वापस ले लिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला सीएम मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा प्रभारी अनिल जैन से मुलाकात के बाद लिया है। सीएम ने रविवार को कह दिया था कि बागी विधायकों के नामांकन वापस कराने के लिए वे पूरा प्रयास करेंगे। सोमवार को नामांकन वापसी लेने का आखिरी दिन है।

भाजपा द्वारा गुरुग्राम सीट के उम्मीदवार की घोषणा दूसरी सूची में की थी। इसके जारी होने से पहले ही उमेश अग्रवाल ने बगावती सुर अख्तियार कर लिए थे। वे खुलकर सीएम मनोहर खट्टर के विरोध में आ गए थे। वे राव इंद्रजीत खेमे से आते हैं तो इंद्रजीत की बेटी की टिकट कटने से पहले ही उन्होंने ट्वीट किया था कि पार्टी ने यदि इंद्रजीत को नजरअंदाज किया तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ट्वीट वायरल हुआ तो उमेश अग्रवाल ने इसे डिलीट कर दिया था।

इसके बाद दूसरी सूची आई तो फिर उमेश अग्रवाल का ट्वीट आया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि देखो फरसे की धार, कुछ गर्दन काट दी, कुछ काटने को तैयार। अग्रवाल ने यह ट्वीट सीधे सीएम पर किया था। इसके बाद उमेश अग्रवाल ने अपनी पत्नी अनीता लूथरा अग्रवाल का निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन करवा दिया था। उन्होंने यह भी साफ कर दिया था कि वे भाजपा से इस्तीफा नहीं देंगे।

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