गंदगी से अटे पड़े हैं वार्ड, MCG ने शुरू की मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 11 Mar, 2026 02:32 PM

mcg start monthly sanitation competition for mcg ward

गुड़गांव के नगर निगम एरिया में भले ही गंदगी फैली हुई हो, घरों से कूड़ा न उठाया जाता हो, इसके बावजूद भी नगर निगम ने मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता का आगाज कर दिया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): गुड़गांव के नगर निगम एरिया में भले ही गंदगी फैली हुई हो, घरों से कूड़ा न उठाया जाता हो, इसके बावजूद भी नगर निगम ने मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता का आगाज कर दिया है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। इसके तहत शहर के सभी वार्डों का हर महीने निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाएगा।

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घरों से नहीं उठता कूड़ा

नगर निगम द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए भले ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां लगा दी हों, लेकिन यह गाड़ियां सप्ताह में एक दिन ही लोगों के दरवाजे तक पहुंच रही हैं। हालांकि नगर निगम के अधिकारी इन गाड़ियों में जीपीएस लगा होने का दावा कर रहे हों और इस जीपीएस के जरिए गाड़ियों पर नजर रखने की बात कह रहे हों, लेकिन हकीकत इससे काफी परे है। अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक वार्ड में वेस्ट कलेक्शन की गाड़ियों को पार्षदों के अधीन किया गया है और यह पार्षद अपने चहेतों के घरों की तरफ ही इन गाड़ियों को चला रहे हैं। चुनाव में प्रतिद्वंदियों के समर्थकों के घरों के पास यह गाड़ी दिखाई तक नहीं दे रही है। कुछ वार्डों से यह भी जानकारी सामने आई है कि यहां प्राइवेट कूड़ा उठाने वालों को पार्षद की तरफ से लगाया गया है और यह लोगों से रुपए वसूल रहे हैं और पार्षद इन कूड़ा उठाने वालों के वसूली भी कर रहे हैं। ऐसे में कुछ लोग मजबूर होकर रात के अंधेरे में सड़कों पर ही कूड़ा फेंक रहे हैं जिससे गंदगी हो रही है।

स्वच्छता प्रयासों को मिलेगा निरंतर प्रोत्साहन
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य शहर में स्वच्छता को एक नियमित प्रक्रिया बनाना और केवल एक बार चलाए जाने वाले अभियानों से आगे बढ़कर स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से कचरा प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन, खुले में कचरा फेंकने और खुले में शौच/मूत्रत्याग की रोकथाम, स्रोत पर कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने और सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समिति करेगी वार्डों का मूल्यांकन
इस प्रतियोगिता के लिए नगर निगम द्वारा एक समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्वच्छता मानकों के आधार पर वार्डों का आंतरिक मूल्यांकन करेगी। समिति में अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी अभियंता, जनसंपर्क अधिकारी, कंसल्टेंट, आईईसी विशेषज्ञ और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

100 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन
वार्डों का मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए कई प्रमुख मानक तय किए गए हैं, जिनमें नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा संवेदनशील स्थानों की सफाई और सौंदर्यीकरण, संकरी गलियों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता शामिल हैं।

इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान
प्रतियोगिता के तहत आवासीय क्षेत्रों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई, संकरी गलियों और बैक लेन की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था, कचरा संवेदनशील स्थानों (जीवीपी) को हटाना और सौंदर्यीकरण, सार्वजनिक स्थानों पर पान-गुटखा के दाग, थूक और कचरे की अनुपस्थिति, दुकानों और विक्रेताओं द्वारा सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का पालन, सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई, सरकारी स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता जागरूकता गतिविधियों का आयोजन, आरडब्ल्यूए और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी तथा कचरा पृथक्करण का पालन आदि पहलुओं पर अंक दिए जाएंगे।

स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बढ़ेगी स्वच्छता
इस पहल से वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और पार्षदों, अधिकारियों तथा नागरिकों में अपने क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी। इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को मासिक और वार्षिक स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे शहर में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।

मेयर राजरानी मल्होत्रा के अनुसार, गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता से वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की भागीदारी भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से ही शहर को साफ और बेहतर बनाया जा सकता है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, इस प्रतियोगिता के माध्यम से वार्डों में स्वच्छता के विभिन्न मानकों पर नियमित निगरानी की जाएगी और तय मापदंडों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इससे सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार होगा और कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कलेक्शन तथा स्रोत पर कचरा पृथक्करण जैसे कार्यों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे स्वच्छता के प्रति सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

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