Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 16 Mar, 2026 03:50 PM

नगर निगम गुरुग्राम क्षेत्र में पेयजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो लोग पीने के पानी से अपने घरों, प्रतिष्ठानों के फर्श या वाहनों की धुलाई करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी...
गुड़गांव, (ब्यूरो): नगर निगम गुरुग्राम क्षेत्र में पेयजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो लोग पीने के पानी से अपने घरों, प्रतिष्ठानों के फर्श या वाहनों की धुलाई करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पेयजल कनेक्शन काटने के साथ-साथ चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
सोमवार को अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां कहीं भी पेयजल का दुरुपयोग पाया गया, वहां संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में यदि इस प्रकार की गतिविधियां दोबारा सामने आती हैं तो संबंधित का चालान किया जाएगा और पेयजल कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
वहीं, निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने शहर के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों तथा नागरिकों से अपील की है कि वे पेयजल के संरक्षण में सहयोग करें और अपने आसपास पानी का दुरुपयोग करने वालों को रोकें। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा पानी का दुरुपयोग करने का असर पूरे क्षेत्र के नागरिकों पर पड़ता है, इसलिए सभी की जिम्मेदारी है कि पानी को बचाने के लिए जागरूकता दिखाएं।
निगमायुक्त ने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा-180 के अनुसार प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वे पेयजल का दुरुपयोग करने वालों की सूचना नगर निगम को दें, ताकि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पानी का दुरुपयोग अधिक पाया जाता है, तो उस क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे वहां के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करें और जल संरक्षण में सहयोग दें।