Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 09 Mar, 2026 08:35 PM

नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह के आदेश पर निगम क्षेत्र की रिहायशी सोसायटियों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) की जांच के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई है। टीमें समय-समय पर एसटीपी का निरीक्षण करेंगी।
गुड़गांव,(ब्यूरो): नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह के आदेश पर निगम क्षेत्र की रिहायशी सोसायटियों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) की जांच के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई है। टीमें समय-समय पर एसटीपी का निरीक्षण करेंगी। जिन सोसाइटियों के एसटीपी नियमानुसार काम नहीं कर रहे, उनका चालान किया जाएगा। अवैध टैंकरों से एसटीपी का पानी खुले में छोड़ने वालों पर भी कार्रवाई होगी। नगर निगम मानेसर की टीम ने दो दिनों में चार सोसाइटियों पर चालान किया है। जल प्रदूषण रोकने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रक अधिकारी को भी इन सोसाइटियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।
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मानेसर नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में करीब 100 रिहायशी सोसाइटियां है, जहां पर एसटीपी अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान एसटीपी बंद या अप्रभावी पाए गए। नगर निगम की टीम को आदेश दिए गए हैं कि जिन सोसाइटियों में हरियाणा बिल्डिंग कोड और पर्यावरण नियमों के अनुरूप एसटीपी काम नहीं कर रहे, उनका चालान किया जाए। नगर निगम की टीम ने दो दिनों में ऐसी चार सोसाटियों का चालान किया है, जिनमें एसटीपी बंद पड़े थे या नियमानुसार काम नहीं करते पाए गए। इन सोसायटियों में सेक्टर- 86 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स सोसाइटी का एक लाख रुपये, सेक्टर-90 स्थित वर्धमान फ्लोरा सोसाइटी का एक लाख रुपये, श्रीवर्धमान ग्रीन कोर्ट सोसाइटी का 25 हजार और सेक्टर-92 स्थित सारे होम्स सोसाइटी का 25 हजार रुपये के चालान काटे।
संयुक्त आयुक्त हितेंद्र कुमार ने कहा कि निगम की टीमें निगम क्षेत्र में सभी सोसायटियों का निरीक्षण करेगी। जिन भी सोसायटियों में एसटीपी का संचालन तय शर्तों के अनुसार नहीं मिला तो उनपर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा टेंकरों के जरिए एसटीपी का पानी अवैध रुप से खुले में छोड़ने वाली सोसायटियों और उन टेंकरों का भी चालान किया जाएगा। साथ ही टैंकर संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।