एक पीपल के पेड़ से शुरू हुई क्रांति, अब हजारों लोगों की बन गई ‘ट्री आर्मी’, विधायक सुहास बाबर पहल बनी मिसाल*

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 16 May, 2026 09:46 PM

a revolution started with a single peepal tree now thousands of people have fo

सांगली जिले में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने वाली एक अनोखी पहल तेजी से आगे बढ़ रही है। विधायक सुहास बाबर के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान अब हजारों नागरिकों की भागीदारी वाली ‘ट्री आर्मी’ बन चुका है।

गुड़गांव ब्यूरो : सांगली जिले में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने वाली एक अनोखी पहल तेजी से आगे बढ़ रही है। विधायक सुहास बाबर के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान अब हजारों नागरिकों की भागीदारी वाली ‘ट्री आर्मी’ बन चुका है। इस अभियान का मूल उद्देश्य है — किसी भी पीपल के पेड़ को काटने के बजाय उसका पुनर्स्थापन करना और हरित वातावरण को संरक्षित करना। खानापुर-आटपाडी क्षेत्र में शुरू हुआ यह हरित आंदोलन आज पूरे सांगली जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक सुहास बाबर ने बताया कि एक पीपल के पेड़ के पुनर्वसन से मिली प्रेरणा ने अब व्यापक जनभागीदारी वाले पर्यावरण अभियान का रूप ले लिया है। लोगों में इस पहल को लेकर इतना उत्साह है कि वे स्वेच्छा से जमीन, पानी, पौधे और श्रमदान उपलब्ध करा रहे हैं।

 

स्वर्गीय विधायक अनिलभाऊ बाबर की पर्यावरण और मिट्टी से जुड़ी सोच को आगे बढ़ाते हुए विधायक सुहास बाबर ने 2024 विधानसभा चुनाव में मिली 78,178 मतों की बढ़त के बराबर पेड़ लगाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि “पीपल की कहानी” सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद इस अभियान को अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला और हजारों लोग इससे जुड़ गए। लोगों ने ही इस अभियान को ‘ट्री आर्मी’ नाम दिया। इस अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर भी सराहनीय योगदान सामने आ रहे हैं। विधायक सुहास बाबर ने अपनी माताजी के श्राद्ध दिवस पर 5,300 आम के पौधे लगाए। वहीं विटा नगर परिषद के एक नगरसेवक ने चार वर्ष पुराने 52 पेड़ इस अभियान को समर्पित किए, जबकि आलसंद ग्राम पंचायत ने 500 पौधों का रोपण किया है।

 

सांगली जिला प्रशासन और वन विभाग के सहयोग से एक एकड़ भूमि पर जापानी पद्धति के ‘मियावाकी जंगल’ विकसित करने की योजना भी बनाई गई है। इसके साथ ही चरागाह भूमि और सड़कों के किनारे स्थानीय जलवायु के अनुरूप बड़े और छायादार वृक्ष लगाने का अभियान शुरू किया गया है। पहले सड़कों के किनारे दिखाई देने वाली हरित सुरंगें (ग्रीन टनल), जो यात्रियों को छाया और ठंडक देती थीं, सड़क चौड़ीकरण के कारण समाप्त हो गई थीं। अब उन्हें फिर से पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वट, पीपल, बहावा, करंज और इमली जैसे बड़े एवं छायादार वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘ट्री आर्मी’ पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले के व्यापारी संगठन, सामाजिक संस्थाएं और विभिन्न नागरिक भी इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। विधायक सुहास बाबर ने खानापुर-आटपाडी क्षेत्र से रोजगार के लिए बाहर रहने वाले लोगों से भी इस हरित अभियान से जुड़ने और अपने गांव से पुनः भावनात्मक रिश्ता मजबूत करने की अपील की है।

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