हरियाणा में जमीन सौदों के लिए स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण की अनुमति, सरकार ने दी बड़ी राहत

Edited By Harman, Updated: 17 Aug, 2026 11:13 AM

voluntary aadhaar authentication allowed for land deals in haryana

हरियाणा सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री में खरीदार, विक्रेता और गवाह की पहचान के लिए स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही एक अलग फैसले में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के मकानों...

हरियाणा डेस्क : हरियाणा सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री में खरीदार, विक्रेता और गवाह की पहचान के लिए स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही एक अलग फैसले में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के मकानों के हस्तांतरण विलेख पर स्टांप शुल्क घटाकर 500 रुपये प्रति विलेख तय कर दिया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दोनों फैसले हरियाणा सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं। 

आधार से संबंधित अधिसूचना के मुताबिक राज्य में किसी भी भूखंड की खरीद-बिक्री के दौरान खरीदार, विक्रेता और गवाह की पहचान स्थापित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण किया जा सकेगा। इसके लिए‘हां/नहीं प्रमाणीकरण'और/या ई-केवाईसी प्रमाणीकरण सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और इसके लिए आधार संख्या धारक की सहमति लेना जरूरी होगा।       

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार प्रमाणीकरण से इनकार करने या इसे कराने में असमर्थ होने के कारण किसी व्यक्ति को किसी सेवा से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसे व्यक्ति को पहचान स्थापित करने के वैकल्पिक और व्यावहारिक साधनों की जानकारी देनी होगी। अधिसूचना में भारतीय पासपोर्ट/ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड और परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को वैकल्पिक पहचान दस्तावेज के रूप में रखा गया है।        

यह अधिसूचना केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से परामर्श के बाद हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को दी गई अनुमति के बाद जारी की गई है। यह अनुमति सुशासन के लिए आधार प्रमाणीकरण (सामाजिक कल्याण, नवाचार, ज्ञान) नियम, 2020 के तहत दी गई थी। दूसरे फैसले में हरियाणा सरकार ने पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के मकानों के हस्तांतरण विलेख पर लगने वाला स्टांप शुल्क घटाकर 500रुपये प्रति विलेख निर्धारित किया है। 10 अगस्त के आदेश के मुताबिक यह फैसला भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की धारा 9 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है। 500 रुपये की दर अधिनियम की अनुसूची 1-ए के अनुच्छेद 23(क) के तहत लागू होगी। 

हालांकि इस रियायत का लाभ लेने के लिए हस्तांतरिती को सर्वजन आवास विभाग (डीएचएफए) या नामित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि वह पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत पंजीकृत लाभार्थी है। सरकार का 500 रुपये स्टांप शुल्क का फैसला 60 वर्ग मीटर तक के सभी मकानों पर लागू नहीं होगा। इसका लाभ केवल पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के मकानों के हस्तांतरण विलेख पर मिलेगा और इसके लिए हस्तांतरिती का योजना का पंजीकृत लाभार्थी होना जरूरी है। 


 

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