श्याम सिंह राणा ने मंडियों का किया दौरा, कहा- किसानों की सुविधा, समय की बचत और पारदर्शिता के लिए लागू की नई व्यवस्थाएं

Edited By Manisha rana, Updated: 05 Apr, 2026 02:24 PM

shyam singh rana visited the markets

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को पंचकूला, बरवाला, लाडवा और रायपुररानी अनाज मंडियों का दौरा कर रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं और सरसों की खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक...

चंडीगढ़/लाडवा : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को पंचकूला, बरवाला, लाडवा और रायपुररानी अनाज मंडियों का दौरा कर रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं और सरसों की खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मंत्री ने मंडियों में किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, फसल सत्यापन प्रक्रिया, बिजली, पानी, साफ-सफाई और बायोमैट्रिक प्रणाली सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। जिलेकी पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी मंडियों में खाद्यान्न की खरीद का कार्य राज्य खरीद एजेंसी हैफेड और हरियाणा वेयरहाऊसिंग कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है।

हरियाणा सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसान हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सख्त निर्देश हैं कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से सभी मंडियों में खरीद कार्य को सुचारु और निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि जिला की तीनों मंडियों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और फसल आते ही उठान कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही, उन्होंने किसानों को फसल खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026 के दौरान किसानों को सुविधा प्रदान करने, समय की बचत करने तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

उन्होंने बताया कि किसान अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त अन्य पारंपरिक साधनों जैसे बैलगाड़ी आदि के माध्यम से भी मंडी में ला सकते हैं। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं है, तो किसान ट्रैक्टर पर पेंट द्वारा ट्रैक्टर का नंबर लिख कर अथवा कागज/पेपर स्टीकर पर पंजीकरण संख्या अंकित कर मंडी में फसल ला सकता है। उन्होंने बताया कि किसानों को गेट पास काटने के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसान 24 घंटे अपनी फसल विक्रय हेतु मंडी में ला सकते हैं। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक अथवा वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो-तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान/भूमि मालिक/पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है।

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