Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 09 Jun, 2026 11:28 AM

अशोक विहार में पत्नी व बेटी की हत्या करने वाला सिक्योरिटी ऑफिसर बेटी और बहू को भी मारने के लिए दौड़ा था। दोनों की किसमत अच्छी थी कि वह किराएदारों के पास भाग गई और उन्होंने दोनों को अपने कमरे में छिपा लिया।
गुड़गांव, (ब्यूरो): अशोक विहार में पत्नी व बेटी की हत्या करने वाला सिक्योरिटी ऑफिसर बेटी और बहू को भी मारने के लिए दौड़ा था। दोनों की किसमत अच्छी थी कि वह किराएदारों के पास भाग गई और उन्होंने दोनों को अपने कमरे में छिपा लिया। कई बार गेट खटखटाने के बाद भी किराएदारों ने गेट नहीं खोला जिसके बाद दोनों की जान बच गई। पुलिस की प्रारंभिक तौर की जांच के दौरान सामने आया कि अक्सर सिक्योरिटी ऑफिसर अनिल व उसकी पत्नी आशा में शराब पीने को लेकर झगड़ा होता था। अनिल शराब पीने का आदी था और आशा उसे पीने से रोकती थी। जब भी दोनों के बीच झगड़ा होत अब बेटा बीच में आकर अपनी मां की साइड लेता था। इस बात को लेकर अनिल काफी गुस्सा था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने पूरे सीन को रीक्रिएट कराया और पूरी वारदात की वीडियोग्राफी भी की गई। पुलिस की मानें तो सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी से यह भी पूछताछ की गई है कि आखिर दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा कैसे शुरू हुआ और वह रिवाल्वर कहां से निकाल कर लाया और उसने कैसे फायरिंग कर दोनों पति-पत्नी की हत्या की। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी ने बेटे प्रशांत के माथे और कनपट्टी पर पास से गोली मारकर हत्या की गई। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने पुलिस को जानकारी दी। वहीं आरोपी ने पूछताछ में बताया कि हर बार झगड़ा होने पर 23 वर्षीय बेटा मां की तरफदारी करता था और उसको बचाता था। ऐसे में बेटे पर भी उसको काफी गुस्सा था। बेटे को चार गोलियां और पत्नी आशा को सात गोली मारी गई है। जबकि इस पूरे हत्याकांड में आरोपी ने 14 राउंड फायरिंग की थी।पत्नी और बेटे के प्रति इतना गुस्सा था कि उसने हत्या करने के लिए तीन बार अपनी रिवाल्वर को लोड कर वारदात को अंजाम दिया।
आपको बता दें कि मूलरूप से भिवानी के तिगड़ाना गांव निवासी अनिल करीब 15 साल से अशोक विहार फेज-तीन के जे ब्लॉक की गली नंबर आठ में अपने परिवार के साथ रह रहा था। वह पहले एक निजी स्कूल में पीटीआई के पद पर तैनात था। अच्छे वेतन का ऑफर मिलने के बाद वह एक निजी सुरक्षा कंपनी में सुरक्षा अधिकारी के पद पर नियुक्त हो गया था। गांव कार्टरपुरी में अनिल और आशा का एक स्कूल था, जिसे आशा संभालती थी। करीब 50 वर्षीय अनिल की शनिवार रात को शराब पीकर आया था। देर रात करीब 12 बजे किसी बात को लेकर उसकी पत्नी 45 वर्षीय आशा के साथ कहासुनी हो गई।
इन दोनों का झगड़ा मकान की पहली मंजिल पर हो रहा था, जबकि 25 वर्षीय बेटा प्रशांत नीचली मंजिल में सो रहा था। मां-बाप के झगड़े की आवाज सुनकर प्रशांत मौके पर पहुंच गया। इस मकान में किरायेदार भी रहते हैं। पति-पत्नी के बीच गाली-गलोज हो रही थी। गुस्से में आकर अनिल ने आशा पर हाथ उठाया तो प्रशांत ने उन्हें रोक लिया। इसके बीच अनिल और प्रशांत के बीच तीखी बहस हो गई। शराब के नशे में धुत अनिल ने इस दौरान अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली। इसके बाद आशा पर गोलियां चला दी। जब प्रशांत, अनिल की तरफ बढ़ा तो उसे भी गोलियां मारी। गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी एकत्रित हो गए। वे अनिल के घर पर पहुंचें तो पाया कि आशा और प्रशांत खून से लथपथ होकर बेड पर पड़े हैं। उनके साथ अनिल बैठकर रो रहा है। पड़ोसियों को देखकर अनिल बोलने लगा कि गुस्से में वह आपा खो बैठा।
वहीं, पड़ोसियों ने बताया कि अनिल और आशा के बीच अक्सर झगड़ा होता था। दोनों के चिल्लाने की आवाज बाहर तक आती थी। आशा को अनिल के शराब पीने की आदत से नफरत थी। उसे शराब पीने को लेकर आशा की तरफ से टोका जाता था। इसलिए दोनों के बीच में दूरियां बढ़ गई थी। वहीं, सेक्टर-5 थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।