Edited By Yakeen Kumar, Updated: 04 Oct, 2025 02:33 PM

वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या और पराली जलाने के मामलों को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है।
चंडीगढ़ : वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या और पराली जलाने के मामलों को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान (NCR), उत्तर प्रदेश और दिल्ली के DCs (उपायुक्त) और DMs (जिला मजिस्ट्रेट) को अतिरिक्त अधिकार प्रदान किए हैं। अब वे पराली जलाने की रोकथाम में लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई कर सकेंगे।
पहले उपायुक्त केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते थे, लेकिन अब उन्हें कार्रवाई का अधिकार भी मिल गया है। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब उत्तर भारत में वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है और पराली जलाने के मामलों में वृद्धि हो रही है।
CAQM के 10 अक्टूबर 2024 के संशोधित आदेश के अनुसार, अब DC और DM अपने क्षेत्र में पराली जलाने पर प्रतिबंध लागू न करने वाले नोडल अधिकारियों, पर्यवेक्षी अधिकारियों और थाना प्रभारियों के खिलाफ सीधे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह कदम प्रदूषण नियंत्रण में प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
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