मोदी जी के आजादी के अमृत काल के 5 प्रण के आह्वान को पूरा करने का संकल्प लें प्रदेशवासी: मनोहर लाल

Edited By Manisha rana, Updated: 15 Aug, 2022 12:33 PM

people state should take a pledge fulfill call five amrit kaal manohar lal

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने देश और प्रदेशवासियों को 76वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हर भारतवासी के लिए हर्षोल्लास का...

चंडीगढ़ (धरणी) : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने देश और प्रदेशवासियों को 76वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हर भारतवासी के लिए हर्षोल्लास का दिन है। हर घर पर लहरा रहा तिरंगा पूरे देश को देशभक्ति के रंग में रंग रहा है। हरियाणावासियों ने भी अपने 60 लाख घरों पर राष्ट्र ध्वज फहराकर भारत माता की शान को वैसे ही बढ़ाया है, जैसे सरहदों पर अधिक से अधिक जवानों को भेजकर देशभक्ति का परिचय देते आए हैं। मनोहर लाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ-साथ आत्म–विश्लेषण करने का भी दिन है। यह दिन हमें यह सोचने का अवसर प्रदान करता है कि 75 वर्ष के इस कालखंड में हमने क्या हासिल किया है। निःसंदेह आजादी के बाद राष्ट्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आज कई क्षेत्रों में पूरा विश्व हमारा लोहा मानता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो आज 'पांच प्रण' (विकसित भारत, गुलामी की मानसिकता से शत प्रतिशत मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता व एक जुटता और नागरिक कर्तव्यों का पालन) लिए हैं, हम उन्हें आज से ही आत्मसात करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी आह्वान किया कि सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित अमृत काल के पांच प्रण के आह्वान को पूरा करने का संकल्प लें व भारत को विश्व पटल पर सबसे मज़बूत राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी महान सांस्कृतिक परम्पराओं और उच्च नैतिक मूल्यों पर चलते हुए देश और प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और खुशहाल बनाने के लिए एकजुट होकर काम करना है। मुख्यमंत्री 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरभूमि समालखा (पानीपत) में ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में बोल रहे थे।


देश की सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि 10 मई 1857 को स्वतंत्रता आन्दोलन की पहली चिंगारी अम्बाला से फूटी थी। हमारे वीर जवानों ने आजादी के बाद भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज देश की सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है। हमारे जवानों ने 1962, 1965 व 1971 के विदेशी आक्रमणों और ऑपरेशन कारगिल युद्ध के दौरान वीरता की नई मिसाल पेश की है। मनोहर लाल ने कहा कि हम आजादी की पहली लड़ाई के शहीदों की स्मृतियों को सहेजने के लिए अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण कर रहे हैं। स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम की स्मृति में जिला महेंद्रगढ़ के गांव नसीबपुर में जल्द ही शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। जिला भिवानी के शहीद गांव रोहनात में भी शहीद स्मारक बनाया जाएगा। इस गांव में 'रोहनात फ्रीडम ट्रस्ट' की स्थापना की गई है।

 

सैनिक व अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग' का किया गठन

 

सीएम ने कहा कि हम अपने शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, लेकिन उनके परिजनों की देखभाल करके उनके प्रति अपनी कृतज्ञता अवश्य जता सकते हैं। इस दिशा में हमने भूतपूर्व सैनिक व अर्द्ध सैनिक बलों के कल्याण के लिए 'सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण विभाग' का गठन किया है। युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना व अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये की है। आई.ई.डी. ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक की गई है। शहीद सैन्य व अर्धसैनिक बलों के 347 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी प्रदान की गई है।

 

देश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश आजादी के 19 साल बाद अस्तित्व में आया। फिर भी हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। हरियाणा क्षेत्रफल व जनसंख्या की दृष्टि से देश का बहुत बड़ा राज्य नहीं है परंतु देश की अर्थव्यवस्था में हमारा महत्वपूर्ण योगदान है। हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास' के विजन को साकार करते हुए गत पौने 8 सालों में 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' के भाव से हर क्षेत्र और हर वर्ग का विकास किया है। हमने व्यवस्था परिवर्तन से सुशासन और सुशासन से सेवा के अपने अभियान को अब सबसे पहले सबसे गरीब के उत्थान पर केन्द्रित कर दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत लगभग 30 हजार परिवारों को रोजगार के लिए ऋण व अन्य सहायता दी है। हमने ई-गवर्नेस के जरिए सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जो मुहिम शुरू की थी, वह परिवार पहचान-पत्र तक पहुंच चुकी है। इसके तहत सभी परिवारों के परिवार पहचान-पत्र बनाए जा रहे हैं। इस एकमात्र दस्तावेज से सभी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अब पात्र व्यक्ति को घर बैठे ही मिलने लगा है।

 

हरियाणा में सुशासन से सेवा के संकल्प को निरंतर मजबूती मिली

 

हरियाणा में गरीब परिवारों को 'मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत 6 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में सभी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 2500 रुपये मासिक की गई हैं। 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत 27 लाख गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का वार्षिक मुफ्त इलाज करवाने की सुविधा दी गई है। एकल पंजीकरण व कॉमन पात्रता परीक्षा, कौशल रोजगार निगम, निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण, नई शिक्षा नीति-2020, 'समर्पण' व संरक्षण योजना, 'विवादों से समाधान' 'हरियाणा हेल्पलाइन सेवा-112' और 'ऑटो अपील सॉफ्टवेयर' जैसी अनुकरणीय पहलों से सुशासन से सेवा के संकल्प को निरंतर मजबूती मिली है। हमने भ्रष्टाचार पर चोट करते हुए लगभग 87 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। हमने स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ा है। क्लस्टर एप्रोच के तहत सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में स्कूल और 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज खोला गया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन शिक्षा हेतु 5 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट दिए हैं।

(हरियाणा की खबरें टेलीग्राम पर भी, बस यहां क्लिक करें या फिर टेलीग्राम पर Punjab Kesari Haryana सर्च करें।)

Related Story

Trending Topics

Bangladesh

India

Match will be start at 10 Dec,2022 01:00 PM

img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!