Edited By Isha, Updated: 12 Mar, 2026 06:49 PM

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आंच अब मिडिल ईस्ट से निकलकर दुनिया के अन्य देशों के साथ भारत में भी महसूस की जाने लगी है। इसका असर रेवाड़ी में घरेलू गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग के रूप में दिखाई दे रहा है।
रेवाड़ी(महेंद्र भारती): अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आंच अब मिडिल ईस्ट से निकलकर दुनिया के अन्य देशों के साथ भारत में भी महसूस की जाने लगी है। इसका असर रेवाड़ी में घरेलू गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग के रूप में दिखाई दे रहा है। शहर में कई गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। विपक्ष जहां घरेलू गैस की संभावित किल्लत को लेकर सरकार को घेर रहा है, वहीं केंद्र और प्रदेश सरकारें स्थिति सामान्य होने का दावा कर रही हैं।
इसी बीच हालात की सच्चाई जानने के लिए जब रेवाड़ी के सेक्टर-5 स्थित इंडेन गैस एजेंसी का दौरा किया गया तो वहां कई लोग सिलेंडर लेने के लिए घंटों से लाइन में खड़े मिले। लोगों का कहना है कि फिलहाल कोई बड़ी कमी तो नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए उन्हें आशंका है कि यदि तनाव लंबा चला तो आगे दिक्कत हो सकती है, इसलिए वे पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सामान्य दिनों में रेवाड़ी जिले की 22 गैस एजेंसियों से प्रतिदिन लगभग 3600 से 3700 घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन हाल के दिनों में मांग करीब 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसकी प्रमुख वजह लोगों में भविष्य को लेकर बनी आशंका मानी जा रही है।
हालांकि शहर के एक बड़े हिस्से में पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा भी उपलब्ध है। जानकारी के अनुसार रेवाड़ी शहर के करीब 10 हजार घरों में आईजीएल के माध्यम से पाइप के जरिए सीधे पीएनजी की सप्लाई हो रही है। फिलहाल गैस की कमी जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है और एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक बताया जा रहा है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने के बजाय धैर्य बनाए रखें, क्योंकि वर्तमान में गैस आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।