"आस्था से खिलवाड़ बंद करे विपक्ष!" राम मंदिर मुद्दे पर गरमाई राजनीति, विज बोले— यह करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं पर चोट

Edited By Isha, Updated: 04 Aug, 2026 08:08 AM

vij said this is a blow to the sentiments of crores of hindus

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने संसद परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदा/दान में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्षी नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर कड़ी

चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने संसद परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदा/दान में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्षी नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विज ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक तस्वीर साझा करते हुए विपक्ष के प्रदर्शन को "नाटक" करार दिया और कहा कि इस तरह की गतिविधियां करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान हैं।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने राम मंदिर चंदा/दान में कथित गड़बड़ी को लेकर एक नाटक किया। यह हिंदू धर्म का घोर अपमान है। हिंदुस्तान में हिंदुओं का अपमान नहीं सहेगा भारत महान।

सोशल मीडिया पोस्ट से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
अनिल विज के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है। विज ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह धार्मिक विषयों को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम और राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय हैं, इसलिए ऐसे मुद्दों पर राजनीतिक प्रदर्शन करना उचित नहीं है।
उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष का यह प्रदर्शन किसी जनहित के उद्देश्य से नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश का हिस्सा है। विज के अनुसार, आस्था से जुड़े विषयों को विवाद का माध्यम बनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी अनुरूप नहीं है।

'राम मंदिर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक'
अनिल विज ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे में इसके नाम पर लगाए जाने वाले आरोपों और संसद परिसर में किए जाने वाले प्रदर्शनों से समाज में गलत संदेश जाता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। किसी भी राजनीतिक दल को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए, जिससे किसी समुदाय की आस्था आहत हो।

विपक्ष पर साधा सीधा निशाना
विज ने बिना किसी संकोच के विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता अब ऐसे राजनीतिक नाटकों को समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के लोग विकास, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर राजनीति चाहते हैं, न कि धार्मिक विषयों को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिशों पर।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष बार-बार ऐसे मुद्दे उठाकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने का प्रयास करता है, लेकिन देश की जनता सच्चाई को अच्छी तरह समझती है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
अनिल विज की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई। समर्थकों ने विज के बयान का समर्थन करते हुए इसे हिंदू आस्था की रक्षा से जोड़ा, जबकि विपक्षी विचारधारा से जुड़े लोगों ने अपने-अपने तर्क रखे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद में चल रहे विभिन्न मुद्दों के बीच राम मंदिर का विषय एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन सकता है।

बयान से बढ़ सकती है राजनीतिक गर्माहट
हरियाणा की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाने वाले अनिल विज अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। संसद परिसर में हुए इस घटनाक्रम पर उनकी प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे को हिंदू आस्था से जोड़कर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!