Edited By Yakeen Kumar, Updated: 16 Sep, 2025 09:35 PM

हरियाणा सरकार ने भूमि और संपत्ति से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने भूमि और संपत्ति से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब लोगों को जमाबंदी, म्युटेशन की स्थिति और संपत्ति कर का विवरण देखने के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व विभाग जल्द ही व्हाट्सऐप चैटबॉट शुरू करने जा रहा है, जिससे लोग अपने मोबाइल पर ही जमीन से जुड़े दस्तावेज आसानी से देख सकेंगे।
वित्तायुक्त राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों के साथ हुई समीक्षा बैठक में बताया कि ई-गवर्नेंस की दिशा में यह बड़ा सुधार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से इस डिजिटल प्रणाली का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर नई व्यवस्था का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा।
पेपरलेस पंजीकरण प्रणाली होगी शुरू
इस पहल के तहत पेपरलेस पंजीकरण प्रणाली शुरू होगी, जिसमें जमाबंदी, म्युटेशन, कैडस्ट्रल मैप्स और रजिस्ट्री डेटा को एकीकृत किया जाएगा। इससे पंजीकरण प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुरक्षित होगी।
सरकार का दावा- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा
सरकार सीमांकन पोर्टल भी लॉन्च कर रही है, जिससे भूमि सीमा निर्धारण से जुड़े विवाद समयबद्ध तरीके से सुलझ सकेंगे। साथ ही राजस्व न्यायालय मामला प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी, ताकि म्युटेशन, बंटवारे और सीमा संबंधी मामलों का निपटारा जल्दी हो सके। सरकार का दावा है कि इन डिजिटल सुधारों से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, लंबित मामलों में तेजी से कमी आएगी और नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
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