Justice Surya Kant: देश में 53वें चीफ जस्टिस होंगे जस्टिस सूर्यकांत, हरियाणा के इस जिले से है खास रिश्ता

Edited By Isha, Updated: 28 Oct, 2025 10:59 AM

justice surya kant will be the 53rd chief justice of the country

देश के चीफ जस्टिस आफ इंडिया जस्टिस भूषण आर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को खत्म हो रहा है। इसलिए अगले चीफ जस्टिस की तलाश शुरू हो चुकी है। मौजूदा चीफ जस्टिस भूषण आर गवई ने अगले

डेस्क: देश के चीफ जस्टिस आफ इंडिया जस्टिस भूषण आर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को खत्म हो रहा है। इसलिए अगले चीफ जस्टिस की तलाश शुरू हो चुकी है। मौजूदा चीफ जस्टिस भूषण आर गवई ने अगले सीजेआई के पद पर नियुक्ति को लेकर सीनियर जज जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश की है। इसके साथ सीजेआई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

परंपरा है कि मौजूदा सीजेआई अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश तभी करते हैं, जब उन्हें कानून मंत्रालय से ऐसा करने को कहा जाता है। अगर जस्टिस सूर्यकांत सीजेआई बनते है तो वह 24 नवंबर शपथ लेंगे। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा। वे 9 फरवरी 2027 को रिटायर होंगे।

 
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच का हिस्सा थे जिसने 2017 में बलात्कार के मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को लेकर जेल में हुई हिंसा के बाद डेरा सच्चा सौदा को पूरी तरह से साफ करने का आदेश दिया था। जस्टिस सूर्यकांत उस बेंच का हिस्सा थे जिसने कॉलोनियल एरा के राजद्रोह कानून को स्थगित रखा था। साथ ही निर्देश दिया था कि सरकार की समीक्षा तक इसके तहत कोई नई एफआईआर दर्ज न की जाए। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन समेत समस्त बार एसोसिएशनों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने का निर्देश देने का श्रेय भी जस्टिस सूर्यकांत को दिया जाता है।

 

जस्टिस सूर्यकांत सात जजों की बेंच में शामिल थे जिसने 1967 के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के फैसले को खारिज कर दिया था। यूनिवर्सिटी के संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार का रास्ता खुल गया था। वे पेगासस स्पाइवेयर मामले की सुनवाई करने वाली बेंच का हिस्सा थे, जिसने गैरकानूनी निगरानी के आरोपों की जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट का एक पैनल बनाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में खुली छूट नहीं मिल सकती।जस्टिस सूर्यकांत ने बिहार में एसआईआर से जुड़े मामले की सुनवाई भी की। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को रेखांकित करने वाले एक आदेश में जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए 65 लाख नामों की डीटेल सार्वजनिक की जाए।

हरियाणा से पहले सीजेआई होंगे जस्टिस सूर्यकांत
जस्टिस सूर्यकांत के पदभार संभालने के बाद वे हरियाणा के पहले ऐसे व्यक्ति होंगे, जो इस पद पर पहुंचेंगे। वे 24 नवंबर को सीजेआई के रूप में शपथ ले सकते हैं। उनके सीजेआई बनने की खबर से पूरे गांव में खुशी की लहर है। गांव में 24 नवंबर को खास उत्सव मनाने की तैयारी चल रही है।

उनके बड़े भाई, मास्टर ऋषिकांत, गांव में ही रहते हैं। उनके पैतृक घर को सजाने का काम चल रहा है। बड़े भाई ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत हैं और वह कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं। वह इंग्लिश की प्रोफेसर रही हैं। वह प्रमोशन के बाद कॉलेज प्रिंसिपल रिटायर्ड हुई। उनकी 2 बेटियां हैं। मुग्धा और कनुप्रिया। दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही हैं।


 ऋषिकांत ने बताया कि पिता मदन गोपाल संस्कृत के टीचर और अच्छे साहित्यकार थे। उन्होंने हरियाणवी में रामायण लिखी थी, जिसके लिए उन्हें हिंदी साहित्य अकादमी से सूरदास पुरस्कार मिला था। इसके साथ-साथ उन्होंने 14 पुस्तकें लिखी थीं। उन्हें पंडित लख्मीचंद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!