हरियाणा में सरकारी केसों में अब नहीं मिलेगी तारीख पर तारीख, 120 दिनों में फैसला लेना होगा अनिवार्य

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 04 Oct, 2025 09:31 PM

in haryana it will be mandatory to decide government cases within 120 days

हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमों की मंजूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है।

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमों की मंजूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के अनुसार, अब सरकार को किसी भी अभियोजन अनुमति के अनुरोध पर 120 दिनों के भीतर "हां" या "ना" में निर्णय देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय में कोई फैसला नहीं लिया जाता, तो मंजूरी स्वतः स्वीकृत मानी जाएगी। 

यह प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNS Code) की धारा 218(1) के तहत लागू किया गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियम भ्रष्टाचार और अन्य सरकारी दुराचार से जुड़े मामलों की जांच को तेज करने के उद्देश्य से लाया गया है। अब पुलिस या जांच एजेंसियों द्वारा भेजे गए अभियोजन अनुरोधों पर सरकार को निश्चित समयसीमा में फैसला लेना होगा।

तेजी से होगा केसों का निपटारा

सरकार का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगा और भ्रष्टाचार विरोधी मामलों के निपटारे में तेजी लाएगा। अतीत में कई मामलों में मंजूरी में देरी के कारण जांच और मुकदमे लंबित रह गए थे, जैसे पूर्व मंत्री और अन्य कई मामलों से जुड़े प्रकरणों में हुआ था।

न्याय प्रक्रिया में आएगी तेजी

नया नियम लागू होने के बाद अब कोई भी विभाग या अधिकारी अभियोजन अनुमति को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रख सकेगा। इससे भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही बढ़ेगी और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता तथा न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी।

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