Edited By Isha, Updated: 07 Jun, 2026 05:03 PM

भारत का दिल कहे जाने वाले हरियाणा राज्य का इतिहास बेहद समृद्ध और गौरवशाली है। यहाँ के लगभग हर जिले की अपनी एक अनोखी पहचान और ऐतिहासिक कहानी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरियाणा के
डेस्क: भारत का दिल कहे जाने वाले हरियाणा राज्य का इतिहास बेहद समृद्ध और गौरवशाली है। यहाँ के लगभग हर जिले की अपनी एक अनोखी पहचान और ऐतिहासिक कहानी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरियाणा के किस जिले को 'सोने का शहर' (City of Gold) या 'गोल्डन सिटी' कहा जाता है? ऐतिहासिक दस्तावेजों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह गौरव सोनीपत (Sonipat) जिले को प्राप्त है।
सोनीपत को सोने का शहर कहे जाने के पीछे सबसे मुख्य कारण इसका पौराणिक नाम है। महाभारत काल में इस शहर को 'स्वर्णप्रस्थ' के नाम से जाना जाता था। 'स्वर्णप्रस्थ' दो शब्दों से मिलकर बना है— 'स्वर्ण' यानी सोना और 'प्रस्थ' यानी स्थान या शहर। अर्थात, 'सोने का शहर'।
माना जाता है कि महाभारत के युद्ध को टालने के लिए जब भगवान श्रीकृष्ण पांडवों के दूत बनकर राजा धृतराष्ट्र के दरबार में गए थे, तब पांडवों ने राज्य के बदले सिर्फ 5 गांव मांगे थे। उन 5 गांवों (प्रस्थों) में स्वर्णप्रस्थ (सोनीपत) भी शामिल था। इसके अलावा अन्य चार गांव पानप्रस्थ (पानीपत), सोनप्रस्थ (बागपत), तिलप्रस्थ (तिलपत) और इंद्रप्रस्थ (दिल्ली) थे। समय के साथ 'स्वर्णप्रस्थ' का नाम बदलकर सोनप्रस्थ, फिर सोणपत और अंततः 'सोनीपत' हो गया।
आज के दौर में क्यों है 'गोल्डन सिटी'?
सिर्फ पौराणिक काल में ही नहीं, बल्कि आधुनिक युग में भी सोनीपत का महत्व किसी सोने से कम नहीं है। सोनीपत आज हरियाणा का एक प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक हब बन चुका है। दिल्ली से सटे होने (NCR का हिस्सा होने) के कारण यहाँ उद्योगों का तेजी से विकास हुआ है, जिसने इसकी अर्थव्यवस्था को 'गोल्डन' बना दिया है। सोनीपत के राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में देश-विदेश के नामी विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान मौजूद हैं, जो युवाओं के भविष्य को 'सोने' की तरह चमका रहे हैं।