Edited By Isha, Updated: 07 Jun, 2026 12:15 PM

हरियाणा के 590 करोड़ आई.डी.एफ. सी. फर्स्ट बैंक और ए. यू. स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (सी.बी.आई.) की जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। सी.बी.आई. ने हरियाणा के 4 वरिष्ठ आई.ए.एस.
चंडीगढ़: हरियाणा के 590 करोड़ आई.डी.एफ. सी. फर्स्ट बैंक और ए. यू. स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (सी.बी.आई.) की जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। सी.बी.आई. ने हरियाणा के 4 वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर सर्च अभियान चलाया। सत्रों की मानें तो पंचकूला की सी.बी.आई. कोर्ट की ओर से केन्द्रीय जांच एजेंसी ने सर्च अभियान की मंजूरी ली थी जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
वहीं बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के दौरान सम्पित सहित कई कागजात की जांच की गई और कुछ कागजात जब्त भी किए गए हैं जिसको लेकर केन्द्रीय जांच एजेंसी की जांच अब इस ओर आगे बढ़ सकती है।
जिन अफसरों के घर सर्च अभियान चलाया गया है उनमें एक अधिकारी पंचायत विभाग में तैनात रहे आयुक्त सचिव रैंक के अफसर हैं, जबकि एक अधिकारी हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम के एम.डी. के पद तैनात रहे हैं -और 2 अन्य अफसर हरियाणा प्रदूषण नियत्रण बोर्ड में तैनात रहे हैं।
गौरतलब है कि आई.डी.एफ.सी. बैंक घोटाले में अब 8 वरिष्ठ आई.ए.एस. जांच के दायरे में आ चुके हैं। हरियाणा सरकार ने सी.बी.आई. को 8 वरिष्ठ - आई.ए.एस. अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 । ए के तहत जांच की मंजूरी दी थी। घोटाले में संलिप्त 3 सरकारी कर्मचारियों 5 और एक प्राइवेट व्यक्ति से हिरासत के दौरान मिले इनपुट के बाद सी.बी.आई. की टीम ने हरियाणा के 2 सीनियर आई.ए.एस. अफसरों से पूछताछ भी की थी। पंचायत विभाग में सबसे ज्यादा घोटाले को अंजाम दिया गया था।