Edited By Isha, Updated: 18 Apr, 2026 04:00 PM

महिला आरक्षण बिल को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है, अगर मंशा सही होती तो इसे 2024 में ही लागू किया जा सकता था
रोहतक(दीपक): महिला आरक्षण बिल को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है, अगर मंशा सही होती तो इसे 2024 में ही लागू किया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिल को लागू करने के बजाय इसे डिलिमिटेशन (परिसीमन) में उलझा रही है, जबकि कांग्रेस इसका समर्थन कर रही है लेकिन सरकार की नीयत पर सवाल खड़े हैं।उन्होंने दुष्यत चौटाला के साथ कल हुए घटना पर भी दी प्रतिक्रिया,उन्होंने कहा कि राजनीति स्टंट भी हो सकता है क्योंकि इनेलो ओर जेजेपी भाजपा की बी टीम है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कल संसद में पेश हुए महिला आरक्षण बिल का कांग्रेस पूरी तरह से समर्थन करती है लेकिन यही बिल 2024 में सरकार ने लागू क्यों नहीं किया उन्होंने कहा कि सरकार इसमें राजनीतिक फायदा लेना चाहती है और कांग्रेस पर दोस लगा रही है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को भाजपा राजनीतिक मुद्दा बना रही है जबकि यह बिल 2024 में लागू हो सकता था। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के सस्पेंशन पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि पांचों विधायक इस्तीफा दें और जनता के बीच जाएं, जनता खुद फैसला करेगी। किसान मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब तक केवल करीब 20 प्रतिशत लिफ्टिंग हुई है और किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे किसान परेशान हैं। छोटे मंडियों में हालात और खराब बताए गए हैं तथा नुकसान की भरपाई भी नहीं हो रही।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए नियमों के जरिए किसानों को परेशान कर रही है।
हुड्डा ने सरकार पर निशाना साधते हुए भूपेंदर हुड्डा ने कहा कि कर्मचारियों को लाभ न मिलने, बाहरी लोगों को क्लास-वन नौकरियां देने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के वादे को भी झूठ बताया। उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के मामले में हुड्डा ने कहा कि यदि कोई गलती है तो सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने जेजेपी और इनेलो को भाजपा की “बी टीम” बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। साथ ही उन्होंने नगर निगम चुनाव को लेकर हुड्डा ने कहा कि मेयर चुनाव सिंबल पर लड़ने का फैसला पार्टी बैठक में लिया जाएगा।महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है और विपक्ष लगातार सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।