Haryana: खुल गई हरियाणा एजुकेशन मंत्री के दावों की पोल, सरकारी स्कूलों में बिना किताबों के पढ़ रहे बच्चे

Edited By Deepak Kumar, Updated: 18 Jul, 2025 07:00 PM

haryana government schools children not received books

हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री प्रदेश के स्कूलों में क्वालिफाइड टीचर्स होने का दावा करते हुए बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का आग्रह कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चार महीने बीत जाने के बाद भी सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें...

सोहना (सतीश कुमार): जहां एक ओर हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री प्रदेश के स्कूलों में क्वालिफाइड टीचर्स होने का दावा करते हुए बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का आग्रह कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चार महीने बीत जाने के बाद भी सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें नहीं पहुंचाई गई हैं।

यह मामला प्रदेश की आर्थिक राजधानी मानी जाने वाली मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के सोहना ब्लॉक के स्मार्ट ग्राम दोहला के मिडिल स्कूल का है। इस स्कूल में बच्चों की संख्या तो अच्छी खासी है, लेकिन पढ़ाई के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हैं। 28 जुलाई से बच्चों की पहली चरण की परीक्षा होनी है, लेकिन बिना किताबों के बच्चों ने क्या पढ़ाई की होगी और वे परीक्षा में कितने अंक ला पाएंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

जब हमने स्कूल के शिक्षकों से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि छठी कक्षा में 53 बच्चे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा केवल 25 सेट किताबें भेजी गई हैं, जिन्हें 25 बच्चों को वितरित कर दिया गया। बाकी बच्चों के लिए किताबों की मांग मई महीने में विभाग को भेजी गई थी, लेकिन न तो अभी तक किताबें आई हैं और न ही यह बताया गया है कि किताबें कब आएंगी। सरकार ने इस बार छठी कक्षा का पूरा सिलेबस भी बदला है, इसलिए पिछले साल की किताबें भी उपयोगी नहीं हैं और नई किताबें बाजार में भी उपलब्ध नहीं हैं। जब हमारी टीम ने खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेने के लिए उनका कार्यालय देखा तो पता चला कि वे कई दिनों से छुट्टी पर हैं।

स्कूल के स्टूडेंट और टीचर्स की यह स्थिति आप समझ ही चुके होंगे, लेकिन अब शिक्षा मंत्री का बयान भी जान लीजिए। मीडिया के सामने मंत्री जी ने बड़े विश्वास के साथ दावा किया कि प्रदेश के एक भी स्कूल में किताबें नहीं पहुंचने की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी स्कूलों में किताबें मिलने की जमीनी हकीकत और

मंत्री जी, शायद आपने अपने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत को अब समझ लिया होगा, कि अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं दिलाकर प्राइवेट स्कूलों में क्यों भेजने को मजबूर होते हैं। अब देखना यह होगा कि आप बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई करते हैं, और स्कूलों में किताबें कब तक पहुंचाई जाती हैं।

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