Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 12 Oct, 2025 12:02 AM

डेनमार्क एंबेसी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय का दौरा किया और शहर के जल प्रबंधन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की।
गुड़गांव, (ब्यूरो): डेनमार्क एंबेसी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय का दौरा किया और शहर के जल प्रबंधन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने प्रतिनिधिमंडल को गुरुग्राम की टोपोग्राफी और बरसाती पानी के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर का जल निकासी ढांचा अरावली क्षेत्र से नजफगढ़ ड्रेन की ओर जाता है। अरावली क्षेत्र में चेक डेम और क्रिक्स का निर्माण किया गया है, जिससे बारिश के पानी को नियंत्रित किया जा सके।
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जल निकासी के लिए गुरुग्राम में तीन मास्टर ड्रेन बनाए गए हैं, जबकि चौथा ड्रेन निर्माणाधीन है और अगले 3-4 महीनों में पूरा होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, शहर की ग्रीन बेल्ट को सड़क के स्तर से नीचे लाने की योजना पर काम चल रहा है। शहर के तालाबों को पुनर्जीवित करने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि बरसाती पानी को तालाबों में स्टोर किया जा सके और जलभराव की समस्या कम हो।
नगर निगम ने भविष्य की योजनाओं में फ्लड डिटेक्शन सेंसर और अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में ऑटोमैटिक पंप लगाने की रूपरेखा साझा की। साथ ही, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बड़े बिल्डिंग और सोसायटी में लागू करने पर जोर दिया गया। बैठक में सिवरेज ट्रीटमेंट और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई, जिसमें शहर की पानी की गुणवत्ता और प्रबंधन को और बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी प्रयास आगामी बरसात से पहले पूरे किए जाएंगे, ताकि गुरुग्राम में जलभराव की समस्या से निपटा जा सके और शहर की जल निकासी प्रणाली अधिक प्रभावी बने। एंबेसी प्रतिनिधियों ने आने वाले दिनों में एक वर्कशॉप आयोजित करने की बात कही। बैठक में जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह तथा निगम के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार भी उपस्थित रहे।