Edited By Yakeen Kumar, Updated: 06 Sep, 2025 08:20 PM

हरियाणा पुलिस की पानीपत साइबर यूनिट ने काफी समय से चल रहे साइबर ठगों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
पानीपत (सचिन शर्मा) : हरियाणा पुलिस की पानीपत साइबर यूनिट ने काफी समय से चल रहे साइबर ठगों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में पता चला कि 2 फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन हो रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ इस घोटाले का खुलासा किया, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह को भी तोड़ दिया।
पुलिस जांच में "टू आर्टिफिशियल ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड" नामक कंपनी पूरी तरह फर्जी निकली। इसने बैंक ऑफ इंडिया की पानीपत शाखा में खाता खोलकर केवल 7 महीने में 51 करोड़ 82 लाख रुपए का लेन-देन किया। खास बात यह है कि खाते से 51.79 करोड़ रुपए पहले ही निकाले जा चुके थे और मात्र 3.13 लाख रुपए ही शेष मिले। कंपनी का पता और निदेशक मंडल की जानकारी भी फर्जी पाई गई। साफ है कि यह कंपनी महज धोखाधड़ी और अवैध धन को घुमाने का माध्यम थी।
केवल 1.21 लाख रुपए खाते में बचे
इसी क्रम में एक और कंपनी "इंडो करियर एजेंसी" का भंडाफोड़ हुआ है। इस कंपनी के खाते में 24 दिसम्बर 2024 से 27 अगस्त 2025 तक 32.92 लाख रुपए जमा हुए, जिनमें से 31.70 लाख रुपये पहले ही निकाल लिए गए थे और केवल 1.21 लाख रुपए खाते में बचे। इस कंपनी का पता भी फर्जी निकला और मौके पर कोई कंपनी नहीं पाई गई। पुलिस का मानना है कि इन खातों और कंपनियों के पीछे एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका मकसद ठगी की रकम को तुरंत निकालकर कानून की पकड़ से बचना था।
91 संदिग्ध बैंक शाखाएं चिह्नित
गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस ने राज्यभर में व्यापक जांच कर 91 ऐसी बैंक शाखाओं की पहचान की है, जहां संदेह है कि साइबर अपराधियों के म्यूल अकाउंट्स संचालित हो रहे हैं। इनके जरिए ही बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के लेन-देन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पानीपत जिले में 4 संदिग्ध बैंक शाखाओं की पहचान की गई है। पुलिस ने इन शाखाओं को चिह्नित कर चरणबद्ध तरीके से सत्यापन, निरीक्षण और कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
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