महिला सीए से रेप के बाद ब्लैकमेल कर लाखों रुपए वसूलने वाले को अदालत से मिली जमानत

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 18 Sep, 2026 08:39 PM

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महिला सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) को ब्लैकमेल करने, जबरन शारीरिक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 20-25 लाख रुपये वसूलने के आरोपी 27 वर्षीय मोहित अग्रवाल को गुरुग्राम की एक अदालत ने राहत देते हुए जमानत दे दी है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): महिला सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) को ब्लैकमेल करने, जबरन शारीरिक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 20-25 लाख रुपये वसूलने के आरोपी 27 वर्षीय मोहित अग्रवाल को गुरुग्राम की एक अदालत ने राहत देते हुए जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनय शर्मा की अदालत ने पाया कि पुलिस जांच में ऐसा कोई ठोस सुबूत सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने पीड़िता की मां या उसके मंगेतर को कोई आपत्तिजनक वीडियो भेजा था।

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अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए इस बात पर भी गौर किया कि पीड़िता दरअसल आरोपी मोहित अग्रवाल की बुआ की पोती है और दोनों ही पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, दोनों पिछले छह वर्षों से अधिक समय से एक-दूसरे के साथ रिलेश्नशिप में थे। यह पूरा मामला 25 जुलाई को गुरुग्राम के सुशांत लोक पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आईपीसी की धारा 376(2)(N) (बार-बार दुष्कर्म करना), 323 (चोट पहुंचाना), 384 (रंगदारी/जबरन वसूली), 506 (आपराधिक धमकी) और आईटी एक्ट की धारा 66E, 67 और 67A के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पीड़िता का आरोप था कि मोहित ने उत्तराखंड में उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और बाद में एक अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 

 

शिकायत में कहा गया था कि आरोपी ने 2021 से 2023 के बीच इस वीडियो के जरिए दबाव बनाकर रिश्ते जारी रखे और उससे लगभग 20 से 25 लाख रुपये ऐंठ लिए। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि मोहित ने उसके मोबाइल, व्हॉट्सऐप और ईमेल खातों का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर लिया था और प्राइवेट वीडियो लीक करने की धमकियां देता रहता था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी गई अर्जी में यह भी दावा किया था कि फरवरी 2026 में मोहित ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने शादी से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने एक प्राइवेट वीडियो उसकी मां को भेज दिया, जिसके कारण उसकी तय हो चुकी शादी टूट गई।

 

अदालत में आरोपी मोहित अग्रवाल की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता नरेंद्र कुमार जैन ने जमानत याचिका का समर्थन करते हुए दलील दी कि यह पूरा मामला दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बने संबंधों का है और उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया गया है। अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष दोनों के साथ घूमने-फिरने की तस्वीरें और बैंक वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड पेश किए। बचाव पक्ष ने दावा किया कि पीड़िता ने खुद मोहित को लगभग 70 से 75 लाख रुपये स्थानांतरित किए थे, जबकि मोहित ने भी पीड़िता को करीब 20 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा, बचाव पक्ष ने महिला द्वारा इससे पहले महिला पुलिस थाना, चरखी दादरी में दी गई एक पुरानी शिकायत का भी हवाला दिया, जिसे बाद में खुद पीड़िता ने वापस ले लिया था।

 

दूसरी ओर, सरकारी वकील अभिषेक और पीड़िता के वकील अंकुर गोयल ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पीड़िता का मानसिक और शारीरिक शोषण किया है और उसे लगातार आपत्तिजनक वीडियो के जरिए धमकाया है। अभियोजन पक्ष ने एक ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट भी अदालत में पेश की, जिसमें आरोपी कथित तौर पर पीड़िता को गाली देता और धमकियां देता सुना जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी पीड़िता पर दबाव बना सकता है या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि पुलिस जांच के दौरान केवल एक आपत्तिजनक वीडियो ही बरामद हुआ है, और ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है जो इस आरोप का समर्थन करे कि पीड़िता को शारीरिक संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल किया गया था। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि मामले में चालान (चार्जशीट) पहले ही अदालत में दाखिल किया जा चुका है, आरोपी 29 जुलाई से हिरासत में है और उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है।

 

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत प्रदान कर दी। जमानत देते समय कोर्ट ने कड़ी शर्तें भी लगाई हैं, जिसमें अपराध न दोहराने, गवाहों को प्रभावित न करने और बिना पूर्व अनुमति देश न छोड़ने के निर्देश शामिल हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी ये टिप्पणियां केवल जमानत याचिका के निपटारे तक ही सीमित हैं और इसका मुख्य ट्रायल (मुकदमे की सुनवाई) के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

 

 

 

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