Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 19 Sep, 2026 09:27 PM

करीब साढ़े तीन साल पुराने चर्चित हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए गुरुग्राम की एक अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को धारा 302 आईपीसी (हत्या) के तहत आजीवन कारावास (कठोर...
गुड़गांव, (ब्यूरो): करीब साढ़े तीन साल पुराने चर्चित हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए गुरुग्राम की एक अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को धारा 302 आईपीसी (हत्या) के तहत आजीवन कारावास (कठोर सजा) और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक, 20 फरवरी 2023 को थाना सेक्टर-14 पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवती को छत से गिरने के कारण गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया है, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर शव का निरीक्षण किया और परिजनों से संपर्क किया। मृतका की बहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी छोटी बहन कल्पना पिछले सात सालों से गुरुग्राम में घरेलू काम करती थी। जनवरी 2023 में वह दिल्ली के खानपुर स्थित एक होस्टल में रहने लगी थी और 20 फरवरी 2023 से उसे नई नौकरी जॉइन करनी थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार कल्पना 10 फरवरी 2023 से अपने दोस्त मुकेश के साथ रह रही थी। 18 फरवरी को उसकी अपनी बहन से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। 20 फरवरी को उसे बहन की अस्पताल में मौत की सूचना मिली। मृतका की बहन ने पुलिस के समक्ष आशंका जताई कि कल्पना आत्महत्या नहीं कर सकती और घटना के समय मुकेश उसके साथ ही था। उसने आरोप लगाया कि या तो कल्पना को धोखे से गिराया गया है या मुकेश ने उसे छत से फेंककर मारा है। बहन की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गुरुग्राम पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना वाले दिन ही यानी 20 फरवरी 2023 को आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने मामले की बेहद वैज्ञानिक और गहनता से तफ्तीश की। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से मिले तकनीकी साक्ष्य, फॉरेंसिक सबूत और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर कोर्ट में एक मजबूत चार्जशीट दाखिल की। 18 सितंबर को अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों व गवाहियों का अवलोकन करने के बाद मुकेश को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने सख्त संदेश देते हुए आरोपी मुकेश को आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।