Edited By Krishan Rana, Updated: 28 Mar, 2026 06:05 PM

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस पार्टी के भीतर गहरी कलह पैदा
चंडीगढ़ : हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस पार्टी के भीतर गहरी कलह पैदा कर दी है। पार्टी के 5 संदिग्ध विधायकों में से दो (मोहम्मद इसराइल और मोहम्मद इलियास) ने नोटिस की अंतिम तिथि तक भी हाईकमान को कोई जवाब नहीं दिया है, जिससे उनकी स्थिति और अधिक संदिग्ध हो गई है।
मोहम्मद इलियास की दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बढ़ती नजदीकियों ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। इसे लेकर कांग्रेस खेमे में असंतोष और भी बढ़ गया है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बागी विधायकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने 30 मार्च को होने वाली विधायक दल की बैठक से इन पांचों आरोपित विधायकों को बाहर कर दिया है। हुड्डा ने स्पष्ट कहा कि जब तक अनुशासन समिति अपना फैसला नहीं सुनाती, तब तक इन विधायकों को बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा। विधायक रेणु बाला, शैली चौधरी और जरनैल सिंह ने खुद को पार्टी के प्रति वफादार बताते हुए दावा किया है कि उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान किया था।
अब सबकी नजरें अप्रैल के पहले सप्ताह पर टिकी हैं, जब अनुशासन समिति अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेगी। इससे पहले समिति प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा से भी चर्चा कर सकती है। अंतिम निर्णय राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, दोषी विधायकों पर निलंबन या निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है।
भूपेंद्र हुड्डा-अभय चौटाला ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव ने साफ कर दिया है कि इनेलो भाजपा के खिलाफ नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि इनेलो ने मतदान इसलिए नहीं किया क्योंकि कांग्रेस की जीत पहले से तय थी। वहीं, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भूपेंद्र हुड्डा ने क्रॉस वोटिंग की जानकारी छिपाई और कांग्रेस के दलित उम्मीदवार को हराने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि यदि जानकारी दी जाती तो इनेलो के वोट कांग्रेस को मिल सकते थे।
विधायक देवेंद्र कादियान ने दावा किया कि इनेलो विधायकों ने मदद का आश्वासन दिया था। वहीं, अभय चौटाला ने कादियान के बयान पर सबूत पेश करने की चुनौती देते हुए कहा कि अन्यथा उन्हें कोर्ट में माफी मांगनी पड़ेगी।
क्रॉस वोटिंग के बाद हरियाणा कांग्रेस में मचा सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अनुशासन समिति की रिपोर्ट और हाईकमान के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा कि पार्टी में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, लेकिन फिलहाल प्रदेश की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं।
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