Edited By Harman, Updated: 22 May, 2026 06:33 PM

बहादुरगढ़ के महाराजा अग्रसेन अस्पताल परिसर में सीवर हादसे में मृतक प्लंबर सुनील के मामले में दो दिन से चल रहा विवाद शुक्रवार को पंचायत के बाद शांत हो गया। प्रशासन और दलाल खाप 84 की पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने पर परिजन पोस्टमार्टम कराने और...
बहादुरगढ़ ( प्रवीण धनखड़) : बहादुरगढ़ के महाराजा अग्रसेन अस्पताल परिसर में सीवर हादसे में मृतक प्लंबर सुनील के मामले में दो दिन से चल रहा विवाद शुक्रवार को पंचायत के बाद शांत हो गया। प्रशासन और दलाल खाप 84 की पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने पर परिजन पोस्टमार्टम कराने और शव लेने के लिए राजी हो गए। बाद में गांव में गमगीन माहौल में सुनील का अंतिम संस्कार किया गया।
शुक्रवार सुबह नागरिक अस्पताल में दलाल खाप 84 के प्रधान भूप सिंह की मौजूदगी में पंचायत हुई। इसमें विधायक राजेश जून, किसान नेता रमेश दलाल, जजपा नेता संजय दलाल सहित कई गांवों के सरपंच, पूर्व सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन की ओर से एसडीएम अभिनव सिवाच, तहसीलदार सुदेश और एसीपी प्रदीप नैन मौजूद रहे।
करीब साढ़े तीन घंटे चली पंचायत में मृतक परिवार को न्याय दिलाने और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुनील को उसके काम से हटाकर सीवर में उतारा गया था। बाद में पांच सदस्यीय कमेटी और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता, सुनील की पत्नी को नौकरी और परिवार को जीवनभर मेडिकल सुविधा देने पर सहमति बनी।
गौरतलब है कि सोमवार को अस्पताल परिसर में सीवर मेनहोल के कार्य के दौरान जहरीली गैस से चार कर्मचारी बेहोश हो गए थे। गंभीर हालत में सुनील को दिल्ली रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।