Edited By Isha, Updated: 31 Aug, 2025 11:23 AM

दिल्ली के ओखला बैराज से यमुना में 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। जिस कारण फरीदाबाद में यमुना
फरीदाबाद(अनिल राठी): दिल्ली के ओखला बैराज से यमुना में 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। जिस कारण फरीदाबाद में यमुना का जलस्तर बढ़ने से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई है। हालांकि यमुना का जलस्तर अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है, लेकिन निचले इलाकों में खेतों में खड़ी फसल में जलभराव हो गया है।
फरीदाबाद में यमुना का खतरे का लेवल 200 मीटर पर है, जबकि अभी यमुना का पानी 198 मीटर तक पहुंच गया है। दिल्ली ओखला बैराज से लगातार पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते यमुना के साथ लगते खेतों में खड़ी फसल में पानी घुस गया है। मझावली गांव के पास बसे चीरस गांव के खतों में भी पानी घुस गया था। प्रशासन ने अभी भी लोगों के यमुना को पार करने और पानी के पास जाने पर रोक लगाई हुई है।
यमुना की तलहटी में बसे गांव बसंतपुर के लोगों के यमुना का पानी सबसे बड़ी परेशानी खड़ी कर देता है। यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते अभी भी गांव के निचले हिस्से में घरों के बाहर पानी भरा हुआ है। इससे पहले 15 अगस्त की रात को आए पानी के कारण लोगों को घरों को खाली करके जाना पड़ा था।
सिंचाई विभाग के एसडीओ अरविंद शर्मा ने बताया कि आबादी वाले क्षेत्र में केवल बसंतपुर गांव में पानी भरा है। बाकी इलाके में अभी किसी गांव में पानी नहीं घुसा है, विभाग के कर्मचारी पानी पर अपनी नजर रखे हुए हैं।