Edited By Krishan Rana, Updated: 15 Aug, 2026 09:14 AM
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो आवश्यक दस्तावेजों एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।
अब तक 25,315 फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेजों एवं घोषणा पत्र के साथ फॉर्म 8 भरा जा सकता है। अब तक 27,426 फॉर्म-8 प्राप्त हुए हैं। वहीं, किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज की जा सकती है। अब तक 1078 फॉर्म 7 प्राप्त हुए हैं।
SIR 2026 के तहत प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 31 जुलाई को किया जा चुका है। प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम की जांच तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा दावा-आपत्ति दर्ज करवाने के लिए दावे एवं आपत्तियों की आखिरी तारीख 30 अगस्त है।
44.88 लाख मामलों में से 19.35 लाख नोटिस जारी
मतदाता सूची के सत्यापन एवं जांच के दौरान पिछली मतदाता सूची से मैपिंग नहीं होने वाले (नो मैपिंग/अनमैपड मामलों) कुल 18,56,138 मतदाता तथा विभिन्न प्रकार की विसंगतियों वाले 26,31,312 मतदाता सामने आए हैं। इन मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है।
इन मामलों में संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज एवं प्रमाण प्रस्तुत करने का उचित अवसर देने के लिए सुनवाई नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुल 44,88,795 संबंधित मतदाताओं में से 14 अगस्त, 2026 तक 19,35,126 नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
अनमैपड मामलों में उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं मतदाता
विशेष रूप से नो मैपिंग अनमैपड मामलों में संबंधित मतदाता अपने, अपने परिवार, माता-पिता अथवा संबंधित पूर्व अभिलेखों से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे और नियमानुसार मामले का निर्णय लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई नोटिस प्राप्त होना मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का अंतिम निर्णय नहीं है। यह सत्यापन एवं सुनवाई प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जिसमें संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया
जाता है।
दावे-आपत्तियां ई.आर.ओ. ए.ई.आर.ओ. कार्यालय अथवा ऑनलाइन दर्ज करवाएं
दावे एवं आपत्तियां संबंधित ई. आर. ओ./ ए.ई. आर. ओ. कार्यालय में जमा की जा सकती हैं। नागरिक वोटर्स डॉट ईसीआई डॉट गव डॉट इन के माध्यम से भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण की जांच करें और यदि उन्हें सुनवाई नोटिस प्राप्त होता है तो उसे गंभीरता से लेते हुए निर्धारित तिथि पर उपस्थित हों तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रक्रिया में सहयोग करें।
पात्र मतदाताओं के हितों की रक्षा करते हुए मतदाता सूची को सटीक, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक अपने बी.एल.ओ./ई. आर.ओ./ए, ई. आर.ओ. कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ईसीआईनेट एप पर बुक अ कॉल सुविधा अथवा मतदाता हैल्पलाइन 1950 के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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