20 वर्षीय युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 10 Apr, 2026 08:29 PM

20 year old youth stoned to death

देर रात 20 वर्षीय युवक की पत्थर से कुचलकर दर्दनाक हत्या कर अज्ञात फरार हो गए। युवक का शव जाटौलीमंडी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में उस समय पड़ा मिला जब सुबह स्कूल में पढ़ने के लिए छात्र पहुंचे।

पटौदी, ब्यूरो : वीरवार की देर रात 20 वर्षीय युवक की पत्थर से कुचलकर दर्दनाक हत्या कर अज्ञात फरार हो गए। युवक का शव जाटौलीमंडी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में उस समय पड़ा मिला जब सुबह स्कूल में पढ़ने के लिए छात्र पहुंचे। जाटौलीमंडी में यह दूसरी घटना है जब सरकारी स्कूल के प्रांगण में हत्या को अंजाम दिया गया। इससे पूर्व भी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हत्याकर शव को शौचालय में छुपा दिया गया था। हत्या की इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मृतक युवक की पहचान यूपी निवासी के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस ने परिजनों के ब्यान के आधार पर कार्यवाही करते हुए शव को मोर्चरी भिजवा दिया।

 

शव खून से लथपथ

युवक की हत्या के लिए सिर पर भारी सिल्ली के पत्थर से ताबड़ तोड़ हमले किए गए। सिर में गंभीर चोट मारने के कारण युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि हत्यारोपी शव को वहीं छोड़कर स्कूल का चारदिवारी को फांदकर फरार हो गए। शव के आसपास भारी मात्रा में खून पड़ा था वहीं मृतक का शव भी खून से लथपथ था। शव के पास ही खून से लथपथ वह पत्थर भी पड़ा था। मृतक की पहचान रवि कुमार पुत्र बिजलाल के रूप में हुई। यह यूपी के ललितपुर का रहने वाला था। हाल में यहां किराए पर रह रहा था। बताया जाता है कि यह तीन भाई है और अपनी मां और सौतेल पिता के साथ रहता था।

 

नशेड़ियों का अड्डा

शव के आसपास शराब की खाली बोतल भी पड़ी थी। माना जा रहा है कि शराब पीने के बाद किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी के दौरान रवि कुमार के दोस्तों ने ही उसकी हत्या कर दी। स्थानीय निवासियों की माने तो स्कूल में रात होेते हुए नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। सरकारी स्कूलों की सुरक्षा के लिहाज से हालत बद से बदतर हो रही है। स्कूल में न ही तो बिजली की व्यवस्था है और न ही कोई चौकिदार रहते हैं। ऐसे में अपराधी बेखोफ होकर किसी भी बड़ी घटना का अंजाद देने से गुरेज नहीं करते। स्कूल की दिवार टूटी पड़ी है और कही है तो वो भी बहुत छोटी ऐसे में स्कूल में आराम से अपराधी और नशेड़ी घुस जाते हैं।

 

प्रिजनों को इंतजार

बेटे की हत्या की खबर सुनकर मृतक की मां और भाई स्कूल में पहुंचे लेकिन हैरत की बात यह रही कि इन लोगों के लिए पुलिस ने स्कूल के दरवाजे खोलना मुनासिब नहीं समझा। जांच का हवाला देते हुए रोते बिलखते परिजनों को कई देर तक दरवाजे पर बैठाए रखा। इससे पूर्व घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहंुचे मिडियाकर्मियों को भी पुलिस ने घंटों स्कूल में घुसने तक नहीं दिया। स्कूल के दरवाजे पर पुलिस के व्यवहार से परिजन परेशान नजर आए वहीं मिडिया कर्मियों ने भी घंटों इंतजार किया। 

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