Edited By Krishan Rana, Updated: 30 May, 2026 02:43 PM

हरियाणा की राजनीति में ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान रखने वाला यह जिला अब भारतीय जनता पार्टी के लिए भी
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा की राजनीति में ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान रखने वाला पानीपत अब भारतीय जनता पार्टी के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर जिले का बढ़ता प्रभाव इस बात का संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में पानीपत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
हाल ही में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाली डॉ. अर्चना गुप्ता पानीपत से संबंध रखती हैं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और संजय भाटिया भी पानीपत की राजनीतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की करनाल लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाला पानीपत राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जिला माना जाता है।
लोकसभा चुनावों से लेकर विधानसभा चुनावों तक यहां के राजनीतिक समीकरण व्यापक प्रभाव डालते रहे हैं। राज्य सरकार में भी पानीपत जिले का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जिले से दो वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व प्राप्त है। कृष्ण लाल पंवार तथा महीपाल ढांडा प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
जीटी रोड पर स्थित पानीपत का राजनीतिक महत्व भाजपा शासनकाल में जिस तेजी से बढ़ा है, उसने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। संगठन और सत्ता में जिले की मजबूत होती भागीदारी से विपक्षी दलों की बेचैनी बढ़ना भी स्वाभाविक माना जा रहा है। भाजपा की वर्तमान राजनीतिक संरचना में पानीपत की उपस्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है।
हालांकि पानीपत का राजनीतिक इतिहास केवल भाजपा तक सीमित नहीं रहा है। यह जिला लंबे समय तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था। यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय हकूमत शाह कई बार विधायक निर्वाचित हुए, जबकि उनके पुत्र बलबीर पाल शाह ने भी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। एक समय कांग्रेस की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा पानीपत आज भाजपा की राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व का महत्वपूर्ण आधार बनता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेशाध्यक्ष, राज्यसभा में प्रतिनिधित्व, केंद्रीय मंत्री की राजनीतिक पकड़ और राज्य सरकार में दो कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी ने पानीपत को भाजपा की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। ऐतिहासिक विरासत, औद्योगिक महत्व और बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के कारण पानीपत अब केवल एक जिला नहीं, बल्कि हरियाणा भाजपा का उभरता हुआ पावर सेंटर बनता नजर आ रहा है।
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