भाजपा की इन टिकटों पर 2 दिन से चल रहा था शह और मात का खेल

Edited By Isha, Updated: 01 Oct, 2019 07:37 AM

these tickets of bjp were running for 2 days check and check

भाजपा की टिकटों को लेकर 2 दिन से चल रहे शह और मात के खेल से पर्दा उस वक्त उठा जब पार्टी ने सोमवार को 78 प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक कर दी। इससे पूर्व 2 बार भाजपा द्वारा सूची तैयार की गई थी

फरीदाबाद (महावीर): भाजपा की टिकटों को लेकर 2 दिन से चल रहे शह और मात के खेल से पर्दा उस वक्त उठा जब पार्टी ने सोमवार को 78 प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक कर दी। इससे पूर्व 2 बार भाजपा द्वारा सूची तैयार की गई थी लेकिन दोनों बार उसे बदलना पड़ा। सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा चुनाव समिति द्वारा तैयार किए गए पैनल पर जब भाजपा के राष्ट्रीय नेता अनौपचारिक रूप से बैठे तो उसमें कई नाम बदल दिए गए। उसके बाद रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रदेश भाजपा द्वारा तय की गई सूची को पुन: बदलने के आदेश दिए गए। 

सूत्रों की मानें तो इस बैठक में बाहर से आए विधायकों को टिकट देना और सांसदों की संस्तुति को ध्यान में रखना तथा दोनों केंद्रीय राज्य मंत्रियों कृष्णपाल गुर्जर व राव इंद्रजीत को प्राथमिकता देना जैसे आदेश शामिल थे। यही कारण था कि रविवार को साढ़े 9 बजे निर्धारित प्रेसवार्ता स्थगित कर दी गई। उसके बाद 11 बजे सूची जारी करने की बात कही गई लेकिन जारी नहीं हुई क्योंकि टिकटों में काफी बदलाव किया जाना था। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद बिना देरी किए मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने हरियाणा भवन पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को बुलाया और उन्हें स्पष्ट कहा कि उनके बेटे को टिकट नहीं दिया जाएगा क्योंकि पार्टी का यह नीतिगत फैसला है लेकिन इसके साथ-साथ उन्हें यह भी कहा गया कि वह न केवल अपने संसदीय क्षेत्र में बल्कि अन्य सीटों पर भी जीतने वाले प्रत्याशियों के नाम दे सकते हैं।

सूत्रों अनुसार मुख्यमंत्री के साथ लंबी बातचीत के बाद कृष्णपाल गुर्जर वापिस लौट आए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्य सांसदों से भी बातचीत की। सोमवार को सुबह 9 बजे प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी नरेंद्र तोमर के निवास पर पुन: बैठक शुरू हुई। इस बैठक में भाजपा नेता बी.एल.संतोष, नरेंद्र तोमर, मुख्यमंत्री मनोहरलाल व कृष्णपाल गुर्जर शामिल थे। लगभग 2 घंटे चली इस बैठक में कृष्णपाल गुर्जर को संतुष्ट कर दिया गया और उनकी संस्तुति के सभी नामों को पहली सूची में शामिल कर लिया गया।

इसके अलावा अन्य सांसदों व राव इंद्रजीत को भी पहली सूची में संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। हालांकि राव इंद्रजीत अभी भी पूरी तरह से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं और वे इस पूरी कार्रवाई से दूर हिमाचल के कसौली में अपने फार्म हाउस पर चले गए लेकिन भाजपा से जुड़े सूत्रों अनुसार उन्हें राजी कर लिया जाएगा। फरीदाबाद से कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का टिकट कटना और गुरुग्राम के बादशाहपुर से कैबिनेट मंत्री राव नरबीर का टिकट कटना चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले 2 दिनों से लगातार प्रत्याशियों के नामों के कटने व जुडऩे का सिलसिला जारी रहा। 

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